वाशिंगटन डीसी/काराकास: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच जारी तनाव शनिवार को एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के ऊपर और उसके आसपास के हवाई क्षेत्रों को “पूरी तरह बंद” करने का फरमान सुनाया है। इस घोषणा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट चरम पर है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने ट्रंप के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अमेरिका की दबाव बनाने की रणनीति और “औपनिवेशिक धमकी” करार दिया है।
ट्रंप की चेतावनी और व्हाइट हाउस की चुप्पी
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए कहा कि वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बंद माना जाना चाहिए। उन्होंने यह चेतावनी सीधे मादुरो को नहीं, बल्कि एयरलाइंस, पायलटों, ड्रग डीलरों और मानव तस्करों को संबोधित करते हुए दी। हालाँकि, व्हाइट हाउस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह कोई नई आधिकारिक नीति है या मादुरो के खिलाफ चल रहे अभियान का ही हिस्सा है। ट्रंप प्रशासन मादुरो को वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति नहीं मानता और उन पर नार्को-टेररिज्म के आरोप लगाता रहा है। वेनेजुएला सरकार ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे देश की क्षेत्रीय अखंडता, विमानन सुरक्षा और संप्रभुता पर हमला बताया है।
सैन्य जमावड़ा और प्रत्यावर्तन उड़ानों का निलंबन
मैदान पर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका ने क्षेत्र में दशकों का सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा किया है, जिसे “ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर” नाम दिया गया है। इसके तहत अत्याधुनिक विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड सहित लगभग एक दर्जन नौसेना जहाज और 12,000 नाविक व मरीन तैनात किए गए हैं। इस कूटनीतिक जंग का असर आम नागरिकों पर भी पड़ा है, क्योंकि अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने वेनेजुएला के प्रवासियों को वापस लाने वाली 'प्रत्यावर्तन उड़ानों' को एकतरफा निलंबित कर दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत से अब तक कैरेबियन सागर में ड्रग तस्करी के संदेह में अमेरिकी हमलों में 80 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।