नई दिल्ली: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वर्तमान में जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते (DA) में 3 से 4 फीसदी की बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं, जिससे कुल डीए 60% के आंकड़े को पार कर सकता है। According to the latest AICPI-IW data for November 2025, the calculated DA has already reached 59.93%, suggesting that from January 1, 2026, central employees are likely to receive at least 60% DA. हालांकि, सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में डीए को मूल वेतन (Basic Pay) में मर्ज करने का कोई आधिकारिक प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, जिससे उन अटकलों पर विराम लग गया है जिनमें 50% डीए होने पर इसके मर्जर की बात कही जा रही थी।
8वें वेतन आयोग के लागू होने पर सबसे बड़ा बदलाव 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) और डीए के 'शून्य' (Reset to Zero) होने को लेकर होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जब नया वेतन ढांचा लागू होगा, तो उस समय के कुल डीए को बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा और फिर एक फिटमेंट फैक्टर (जो 2.28 से 2.86 के बीच हो सकता है) के जरिए नई बेसिक सैलरी तय की जाएगी। The 8th Pay Commission has been granted around 18 months to finalize its recommendations, which means while the new structure is technically due from January 2026, the actual pay hike in hand might be seen by 2027 or 2028 with arrears. इस बदलाव के बाद डीए फिर से 0% से गणना करना शुरू करेगा, जैसा कि पिछले वेतन आयोगों के दौरान भी देखा गया था।
सैलरी बढ़ोतरी के अनुमानों पर गौर करें तो, यदि फिटमेंट फैक्टर 2.64 तय होता है, तो 18,000 रुपये की वर्तमान न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 47,250 रुपये हो सकती है। It is important to note that until the commission's final report is implemented, the current formula based on AICPI-IW (Consumer Price Index) will continue to dictate the bi-annual DA revisions every six months. कर्मचारियों की मांग है कि महंगाई की मार को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर को 3.68 तक ले जाया जाए, लेकिन सरकार की वित्तीय स्थिति और बजट को देखते हुए अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों पर ही निर्भर करेगा।
क्या आप अपने वर्तमान वेतन स्तर (Pay Level) के आधार पर 8वें वेतन आयोग के तहत संभावित सैलरी कैलकुलेशन या फिटमेंट फैक्टर के विभिन्न परिदृश्यों (Scenarios) के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे?