नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के आगामी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में एक ऐतिहासिक और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिलेगा। 20 जनवरी 2026 को होने वाले इस चुनाव में पार्टी के भीष्म पितामह कहे जाने वाले लाल कृष्ण आडवाणी और वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी पहली बार मतदान नहीं कर पाएंगे। 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद यह पहला अवसर है जब इन दोनों संस्थापक सदस्यों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है। हालांकि, इसके पीछे कोई राजनैतिक मतभेद नहीं, बल्कि संगठनात्मक नियमों की तकनीकी बाध्यता है। दरअसल, दोनों नेता वर्तमान में दिल्ली से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं, लेकिन दिल्ली प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक चुनाव अभी लंबित हैं। पार्टी संविधान के अनुसार, जब तक राज्य स्तर के चुनाव पूरे नहीं होते, वहां से राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चयन आधिकारिक नहीं माना जाता, जिसके चलते दोनों दिग्गज वोटिंग प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।
The upcoming election is set to mark a generational shift as 45-year-old Nitin Nabin is poised to become the youngest National President of the BJP. बिहार के बांकीपुर से विधायक और वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन 19 जनवरी को अपना नामांकन दाखिल करेंगे, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह स्वयं प्रस्तावक बनेंगे। जेपी नड्डा का स्थान लेने वाले नबीन के सामने 2029 के लोकसभा चुनावों और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी को तैयार करने की बड़ी चुनौती होगी। वे दिवंगत नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं और आरएसएस की पृष्ठभूमि से आते हैं, जिससे उन्हें संगठन के भीतर व्यापक स्वीकार्यता प्राप्त है।
The election process, overseen by National Returning Officer K. Laxman, will take place at the BJP headquarters in New Delhi. तकनीकी कारणों से मतदाता सूची से बाहर होने से पहले, आडवाणी गुजरात और जोशी उत्तर प्रदेश से परिषद सदस्य हुआ करते थे, लेकिन सक्रिय राजनीति से दूरी के बाद उन्होंने दिल्ली को अपना केंद्र बनाया था। सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन के नेतृत्व वाली नई टीम में 80 प्रतिशत युवा चेहरों को जगह दी जाएगी, जो पार्टी के 'मिशन 2029' की नींव रखेंगे। 20 जनवरी को निर्विरोध चुनाव की औपचारिक घोषणा के साथ ही भाजपा में एक नए युग की शुरुआत होगी, जहां अनुभव की मार्गदर्शक भूमिका के साथ युवा ऊर्जा को कमान सौंपी जा रही है।