नई दिल्ली/मुंबई: महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई, ने अब एक बड़ा राजनीतिक रंग ले लिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस दुर्घटना की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ममता बनर्जी ने इस घटना को केवल एक 'हादसा' मानने से इनकार करते हुए मांग की है कि इसकी उच्च स्तरीय जांच सीधे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि अजित पवार सत्ताधारी गठबंधन (महायुति) से दूरी बना रहे थे और भाजपा छोड़कर शरद पवार के साथ फिर से जुड़ने की तैयारी में थे, ऐसे में उनकी अचानक मौत अत्यंत संदिग्ध है। The Political Controversy over Ajit Pawar's Death has intensified as key opposition leaders demand a transparent probe under judicial supervision.
ममता बनर्जी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज के दौर में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की जांच एजेंसियों ने अपनी स्वतंत्रता खो दी है, इसलिए उन्हें केवल देश की सर्वोच्च अदालत पर ही भरोसा है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि विमान के क्रैश होने के पीछे के तकनीकी या अन्य कारणों का पारदर्शी तरीके से खुलासा होना चाहिए। विपक्षी नेताओं का दावा है कि सोशल मीडिया पर चल रहे हालिया बयानों के अनुसार, अजित पवार भाजपा का साथ छोड़ने वाले थे और दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) गुटों के एक होने की संभावना थी। This Demand for a High-Level Inquiry by Chief Ministers Mamata and Omar highlights the gravity of the loss and the underlying political tensions in Maharashtra.
दूसरी ओर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने साथी को भावुक श्रद्धांजलि दी है। शिंदे ने अजित दादा को एक 'कर्मठ योद्धा' और स्पष्ट वक्ता बताते हुए कहा कि उनकी डिक्शनरी में 'देखता हूँ, करता हूँ' जैसे शब्द नहीं थे; वे तुरंत निर्णय लेने के लिए जाने जाते थे। फडणवीस ने इसे अपना व्यक्तिगत नुकसान बताया और कहा कि अजित पवार एक दमदार और दिलदार मित्र थे। शिंदे ने स्पष्ट किया कि इस विमान हादसे की गहन जांच जरूर कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। सरकार ने अजित पवार के सम्मान में राज्य में 3 दिन के राजकीय शोक (28 से 30 जनवरी) की घोषणा की है। The State Mourning in Maharashtra reflects the immense contribution of the veteran leader to the state's governance and public life.
इस दुखद घटना पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, लालू प्रसाद यादव और प्रकाश अंबेडकर जैसे दिग्गजों ने भी शोक व्यक्त किया है। लालू यादव ने 'एक्स' पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए इसे अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री फडणवीस और शिंदे ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और वे अंतिम विदाई देने के लिए बारामती रवाना हो रहे हैं। बारामती के इस हादसे ने न केवल एक कद्दावर नेता को देश से छीन लिया है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है। The Unity of Leaders in Grief across party lines underscores Ajit Pawar’s wide influence beyond regional politics.