अमृतसर/गाजियाबाद: अमृतसर के सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के पवित्र सरोवर की मर्यादा भंग करने वाले मुस्लिम युवक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरोवर में कुल्ला करने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के बाद शनिवार को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में निहंग सिखों ने आरोपी को दबोच लिया। निहंग विक्की थॉमस की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई के दौरान आरोपी युवक और वीडियो बनाने वाला उसका साथी हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आए। निहंगों ने आरोपी को सख्त चेतावनी देने के बाद गाजियाबाद के अंकुर विहार थाना पुलिस के हवाले कर दिया है। गाजियाबाद पुलिस अब उसे अमृतसर पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। The Nihang Sikhs apprehended the youth in Ghaziabad following the viral video of Sacrilege at the holy sarovar.
इस बीच, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने अपनी आंतरिक जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद अमृतसर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। एसजीपीसी की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपी युवक करीब 20 मिनट तक परिसर में रहा, लेकिन उसने न तो परिक्रमा की और न ही गुरु घर के भीतर माथा टेका। एसजीपीसी के अधिकारियों का कहना है कि उसकी गतिविधियां स्पष्ट करती हैं कि वह केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और माहौल खराब करने के इरादे से आया था। This act has been termed as a deliberate attempt at Religious Misconduct within the shrine premises.
गौरतलब है कि युवक ने इससे पहले सोशल मीडिया पर माफी मांगने की कोशिश की थी, लेकिन उसके तरीके को सिख समुदाय ने अस्वीकार कर दिया था। इस मामले में एसजीपीसी द्वारा शुरुआती देरी पर भी सवाल उठे थे, जिसकी तुलना गुजरात की अर्चना मकवाना पर हुई त्वरित FIR से की जा रही थी। निहंगों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कानून को हाथ में लेने के बजाय पुलिस का सहयोग लिया है ताकि आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके। सिखों की सर्वोच्च संस्था और संगत की मांग है कि पवित्र स्थल की मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा मिले। The SGPC Investigation suggests that the individual had no intent of pilgrimage and entered solely to film the controversial video.