हरिद्वार: उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव शुक्रवार को हरिद्वार के वीआईपी घाट पर बसंत पंचमी के अवसर पर स्नान करने पहुँची थीं, जहाँ एक विवाद के बाद वे सुर्खियों में आ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्नान के बाद जब अपर्णा यादव वापस लौट रही थीं, तो कुछ पत्रकारों ने उनसे उनके व्यक्तिगत जीवन और 'तलाक' से संबंधित सवाल पूछ लिए। इन सवालों को सुनकर अपर्णा यादव का पारा चढ़ गया और वे पत्रकारों पर बुरी तरह भड़क उठीं। स्थिति बिगड़ती देख उनके निजी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें छाते की ओट में लेकर सुरक्षित बाहर निकाला, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। The confrontation at the sacred ghat has sparked a heated debate regarding the boundaries of journalistic questioning and the privacy of public figures.
विवाद के दौरान अपर्णा यादव ने पत्रकारों पर केवल दुर्व्यवहार का ही नहीं, बल्कि बेहद गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि जब वे घाट पर स्नान कर रही थीं, तब कुछ लोगों ने उनका अश्लील वीडियो बनाने की कोशिश की और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने पत्रकारों की नैतिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के निजी सवाल पूछना और मर्यादा का उल्लंघन करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, वहां मौजूद मीडियाकर्मियों का कहना था कि वे केवल अपना काम कर रहे थे और सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। The serious allegations of voyeurism and misconduct leveled by the BJP leader have added a criminal dimension to what initially appeared to be a professional disagreement.
इस घटना के बाद वीआईपी घाट पर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। अपर्णा यादव ने इस मामले में कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन से सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखने की बात कही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में उन्हें गुस्से में पत्रकारों को फटकार लगाते हुए देखा जा सकता है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि क्या वास्तव में स्नान के दौरान कोई आपत्तिजनक वीडियोग्राफी हुई थी या यह केवल बहस का परिणाम था। The incident highlights the growing friction between high-profile individuals and the media in sensitive public spaces like religious ghats.