ऋषिकेश: विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम की मर्यादा और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब श्रद्धालु बदरीनाथ मंदिर के सिंहद्वार से आगे मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप में चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान यह आदेश जारी किए। The decision comes as a response to increasing incidents of visitors creating reels and vlogs inside the temple premises, which often leads to controversies and disturbs the religious sanctity of the Himalayan shrine. आयुक्त ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों को केवल मनोरंजन का केंद्र नहीं बनने दिया जा सकता।
प्रशासन का मानना है कि मोबाइल के कारण मंदिर परिसर में रील बनाने और फोटो खींचने की होड़ से सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की कतारों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस प्रतिबंध को सुचारू रूप से लागू करने के लिए गढ़वाल आयुक्त ने अधिकारियों को मंदिर के बाहर मोबाइल जमा करने की एक व्यवस्थित और सुरक्षित प्रणाली (Cloak Room) शीघ्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं। Garhwal Commissioner Vinay Shankar Pandey emphasized that the primary goal is to ensure a hassle-free and spiritually fulfilling experience for genuine devotees while curbing activities that violate the ancient traditions of the temple. इस व्यवस्था से यात्रियों के कीमती फोन सुरक्षित रहेंगे और मंदिर के भीतर किसी भी प्रकार की वीडियोग्राफी को रोका जा सकेगा।
बैठक में आगामी चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता पर भी विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। The implementation of this ban will be strictly monitored by the temple committee and local police once the portals of the shrine open for the 2026 season. अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे यात्रियों को इस नए नियम के बारे में जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि सिंहद्वार तक पहुँचने से पहले ही यात्रियों को मोबाइल रखने की जानकारी मिल जाए।