टिहरी/देहरादून: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत की दिशा में पहला बड़ा कदम 23 जनवरी को उठाया जाएगा। सनातन परंपरा के अनुसार, भू-वैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की शुभ तिथि का निर्धारण बसंत पंचमी के पावन अवसर पर नरेंद्रनगर स्थित ऐतिहासिक टिहरी राज दरबार में किया जाएगा। यह धार्मिक अनुष्ठान सुबह 10:30 बजे से पारंपरिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू होगा, जिसमें राजपुरोहितों द्वारा पंचांग गणना के आधार पर कपाट खुलने के सटीक मुहूर्त की घोषणा की जाएगी। This traditional ceremony at the Tehri Royal Palace marks the beginning of high-level preparations for the pilgrimage season, with representatives from the Badrinath-Kedarnath Temple Committee (BKTC) and the royal family in attendance.
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होते ही शासन-प्रशासन, मंदिर समिति और पर्यटन विभाग अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर देंगे। शीतकाल के दौरान भगवान बद्रीविशाल की पूजा उनके शीतकालीन प्रवास पांडुकेश्वर और जोशीमठ में की जाती है, और ग्रीष्मकाल में कपाट खुलने के साथ ही मुख्य धाम में दर्शन शुरू होते हैं। Millions of devotees from across the globe eagerly await this announcement to plan their spiritual journey to the Himalayas. परंपरा के अनुसार, राजपुरोहितों द्वारा पंचांग के माध्यम से वह शुभ घड़ी निकाली जाती है जब भगवान के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोले जाते हैं।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और पर्यटन के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को देखते हुए इस बार भी मंदिर समिति और प्रशासन यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। The announcement on January 23 will officially set the stage for the 2026 Yatra, leading to a surge in hotel bookings and travel arrangements across the state. धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यह दिन टिहरी राज दरबार की प्राचीन परंपराओं के जीवंत दर्शन का भी अवसर होता है।