मजीठा: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को मजीठा दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं की झड़ी लगा दी और साथ ही अकाली दल के शीर्ष नेतृत्व पर कड़ा राजनीतिक प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने मजीठा विधानसभा क्षेत्र के लिए 23 नई ग्रामीण लिंक सड़कों का लोकार्पण किया, जो ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। He also announced the establishment of a new college in Bikraur village near Majitha, aiming to provide better higher education facilities to the local youth right at their doorstep. इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया को आड़े हाथों लिया और उन्हें राज्य में हुई बेअदबी की घटनाओं के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए बादल परिवार पर निशाना साधा और कहा कि यह वही परिवार है जिसने जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद अंग्रेजों की मेजबानी की थी। His speech was filled with heavy criticism of the Akali leadership, accusing them of playing with the emotions of Punjabis for decades while neglecting the state's actual progress. मान ने विपक्ष को नसीहत दी कि वे पंजाब को अनावश्यक राजनीतिक लड़ाइयों में न घसीटें और इसके बजाय दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण जैसे वास्तविक मुद्दों पर ध्यान दें। उन्होंने किसानों का पक्ष लेते हुए कहा कि प्रदूषण के लिए केवल किसानों को दोष देने की राजनीति बंद होनी चाहिए और उनकी समस्याओं का स्थाई समाधान खोजा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी काफी सख्त रही, क्योंकि किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के सदस्यों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मान के काफिले को घेरने का प्रयास किया। The protesters intended to submit a memorandum of their long-standing demands, but police authorities intercepted them at barricading points to maintain security. हालांकि इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जनहित के कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है और विकास की यह गति आने वाले समय में और तेज की जाएगी।