बीजापुर के जंगलों में खूनी संघर्ष: मुठभेड़ में 2 खूंखार नक्सली ढेर, इलाके में टॉप लीडर पापाराव के होने की सूचना

 


बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शनिवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए हैं। यह मुठभेड़ नेशनल पार्क के घने जंगलों में उस समय शुरू हुई जब डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के जवान एक विशिष्ट नक्सल विरोधी अभियान पर निकले थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मारे गए नक्सलियों के पास से एके-47 राइफलें और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। सुरक्षाबलों को खुफिया सूचना मिली थी कि नक्सल लीडर पापाराव अपनी बड़ी टुकड़ी के साथ इसी इलाके में छिपा हुआ है, जिसके बाद जवानों ने मोर्चा संभाला। बीजापुर पुलिस ने पुष्टि की है कि अभियान अभी भी जारी है और जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल अतिरिक्त संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की जा सकती।

The relentless operations in Bastar over the last 1.5 years have led to the elimination of 23 high-ranking Naxals, including dreaded names like Madvi Hidma and Basvaraju. पुलिस की इस बढ़ती दबिश के कारण अब संगठन के केवल तीन शीर्ष पोलित ब्यूरो सदस्य—देवजी, मिशिर बेसरा और गणपति ही बचे हैं। वर्तमान में नक्सली संगठन की कमान थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी के हाथों में है, जिस पर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित है। बीजापुर के इस ताजा एनकाउंटर को पापाराव की घेराबंदी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का मुख्य आधार है। यदि पुलिस पापाराव को पकड़ने या ढेर करने में सफल होती है, तो इस क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है।

The search for the remaining top Naxal leaders continues across multiple states, with security agencies from Telangana, Andhra Pradesh, and Odisha coordinating with Chhattisgarh police. पापाराव जैसे नेताओं की तलाश इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि वे स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों से भली-भांति वाकिफ हैं और कई बार मुठभेड़ के दौरान बच निकलने में सफल रहे हैं। हालांकि, बस्तर में लगातार कम होते नक्सली प्रभाव और शीर्ष कैडरों के आत्मसमर्पण ने संगठन की कमर तोड़ दी है। प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे नक्सलियों की गतिविधियों की जानकारी साझा कर शांति बहाली में सहयोग करें। इलाके में अतिरिक्त कुमुक भेजी गई है ताकि फरार नक्सलियों के संभावित ठिकानों को पूरी तरह सील किया जा सके।


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