अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED का बड़ा एक्शन: 140 करोड़ की संपत्ति अटैच, टेरर लिंक और धोखाधड़ी के मामले में चेयरमैन पर चार्जशीट

 


फरीदाबाद/नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इसकी करीब 140 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त (Attach) कर लिया है। मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत की गई इस कार्रवाई में यूनिवर्सिटी की 54 एकड़ जमीन, मुख्य इमारतें, हॉस्टल और विभिन्न विभागों की बिल्डिंग शामिल हैं। ईडी ने यह कदम 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में हुए कार धमाके की जांच के बाद उठाया है, जिसमें यूनिवर्सिटी के एक डॉक्टर उमर उन नबी का नाम आत्मघाती हमलावर के रूप में सामने आया था। इसके साथ ही, ईडी ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ दिल्ली की विशेष अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।

Investigation revealed that the university allegedly generated "proceeds of crime" worth ₹415.10 crore by misleading students and parents with fake NAAC accreditation and invalid UGC recognitions. ईडी की जांच में पाया गया कि यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट और प्रचार सामग्री में 'नैक' (NAAC) से मान्यता होने का झूठा दावा किया था ताकि भारी मात्रा में फीस वसूली जा सके। इसके अलावा, जवाद सिद्दीकी पर आरोप है कि उन्होंने यूनिवर्सिटी के फंड को अपनी 9 शेल कंपनियों में डायवर्ट किया और करोड़ों रुपये विदेशों में भी भेजे। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यूनिवर्सिटी का इस्तेमाल कथित तौर पर 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' (White Collar Terror Module) के लिए किया जा रहा था, जिसमें उमर उन नबी के अलावा डॉक्टर मुजम्मिल और डॉक्टर शाहीन शाहिद जैसे संदिग्ध भी कार्यरत थे।

The Haryana government has already passed the Haryana Private Universities (Amendment) Bill, 2025, to allow an administrative takeover of institutions linked to national security threats. इस नए कानून के तहत, यदि किसी निजी विश्वविद्यालय में देश की अखंडता या सुरक्षा से जुड़ी चूक पाई जाती है, तो सरकार उसका प्रबंधन अपने हाथ में ले सकती है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि संपत्तियों की जब्ती के बावजूद छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और कोर्ट की मंजूरी के बाद सरकार द्वारा नियुक्त रिसीवर यूनिवर्सिटी का संचालन संभाल सकता है। जवाद सिद्दीकी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं और जांच एजेंसियां अब उनके अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संपर्कों, खासकर खाड़ी देशों के साथ हुए लेन-देन की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।



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