चंडीगढ़: बहुचर्चित कर्नल पुष्पिंदर बाठ और उनके बेटे के साथ हुई मारपीट के मामले में सीबीआई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहन जांच के बाद सीबीआई ने इंस्पेक्टर रोनी सिंह, हैरी बोपाराय, हरजिंदर सिंह ढिल्लों, शमिंदर सिंह और एक अन्य कांस्टेबल को अदालत में तलब किया है। The court has fixed March 16 as the date for the commencement of the trial, marking a significant step towards justice for the retired army officer and his family. हालांकि, सीबीआई ने जांच के बाद चालान में से धारा 109 को हटा दिया है, लेकिन अदालत की इस सख्ती से उन पुलिसकर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं जिन पर कर्नल और उनके बेटे को बेरहमी से पीटने के आरोप लगे थे।
कर्नल पुष्पिंदर बाठ की पत्नी, रितु बाठ ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी कानूनी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है और वे इंसाफ मिलने तक पीछे नहीं हटेंगी। उनका मानना है कि पुलिस अधिकारियों द्वारा किया गया यह कृत्य न केवल उनके परिवार के खिलाफ था, बल्कि वर्दी की गरिमा को भी ठेस पहुंचाने वाला था। Although some sections have been altered in the final charge sheet, the family remains firm on their stand to hold the guilty officials accountable for their alleged misconduct. रितु बाठ ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले को तार्किक परिणति तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यह मामला तब शुरू हुआ था जब कर्नल बाठ और उनके बेटे के साथ कथित तौर पर पुलिस कर्मियों द्वारा मारपीट की गई थी, जिसके बाद पूरे देश के पूर्व सैनिकों और नागरिक समाज में भारी रोष देखा गया था। The CBI took over the case following orders to ensure an impartial investigation into the high-handedness of the local police. अब 16 मार्च को होने वाली पहली सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह ट्रायल पंजाब पुलिस के उन अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगा जिन्होंने कथित तौर पर कानून को अपने हाथ में लिया था।