चंडीगढ़: सिटी ब्यूटीफुल के मक्खन माजरा (रायपुर कलां) क्षेत्र में स्थित 'एनिमल कारकस इनसिनरेशन प्लांट' के बरामदे में 45 गायों और बछड़ों के शव मिलने से पूरे शहर में भारी रोष और हड़कंप मच गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है और प्राथमिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर नगर निगम की चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य (MOH) डॉ. इंदरदीप कौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही रायपुर कलां कैटल पाउंड के निरीक्षक प्रवीण कुमार को भी सस्पेंड किया गया है और गौशाला में तैनात पशु चिकित्सक डॉ. रविंदर सिंह ढिल्लों सहित सभी संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीएम) करेंगे।
The discovery of such a large number of carcasses at a non-operational incineration plant has raised serious questions about animal welfare and administrative accountability. स्थानीय लोगों और गोरक्षक संगठनों के भारी हंगामे के बीच एसएसपी कंवरदीप कौर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। बताया जा रहा है कि इनसिनरेशन प्लांट पिछले कुछ समय से बंद पड़ा था, जिसके कारण मृत पशुओं का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं हो सका और शव वहीं जमा होते रहे। प्रशासन ने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया है ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों चाहे वह बीमारी हो, कड़ाके की ठंड या चारे की कमी का पता लगाया जा सके। दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
The incident has triggered a massive political storm, with both Congress and the Aam Aadmi Party (AAP) staging protests and demanding a comprehensive audit of the 'Cow Cess' funds. चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की और डिप्टी मेयर तरुणा मेहता ने मौके पर पहुंचकर गौशाला की बदहाल सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। वहीं, आप अध्यक्ष विजयपाल सिंह ने बीजेपी शासित नगर निगम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूरी परियोजना के ऑडिट की मांग की है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पशुपालन विभाग की टीम द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच और संयुक्त आयुक्त स्तर पर हर पखवाड़े समीक्षा बैठक करने का निर्णय लिया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गौ-सेवा में किसी भी स्तर पर कोताही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।