छत्तीसगढ़ में मकर संक्रांति की धूम: राजिम त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब, भिलाई में सजेगा प्रदेश का सबसे बड़ा पतंग उत्सव



छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में मकर संक्रांति का पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। बुधवार की अलसुबह से ही गरियाबंद जिले के 'प्रयाग' कहे जाने वाले राजिम के त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद हजारों भक्तों ने महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने संगम के बीच स्थित प्राचीन कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर और भगवान राजीव लोचन के दर्शन कर जलाभिषेक किया। तट पर दीप दान और दान-पुण्य की रस्मों के साथ श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की।

The festive spirit is equally vibrant in the urban areas, with Raipur and Bhilai hosting massive kite-flying competitions and cultural events. भिलाई के जयंती स्टेडियम स्थित हेलीपैड ग्राउंड में इस साल प्रदेश का सबसे बड़ा 'पतंग महोत्सव' आयोजित किया गया है। पुलिस प्रशासन के नेतृत्व में होने वाले इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। रायपुर के प्रमुख मंदिरों में विशेष दीपोत्सव का आयोजन किया गया है, जहाँ भगवान को तिल और गुड़ से बने व्यंजनों का महाभोग लगाया जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई छतों पर 'काटे है' के शोर के साथ पतंगबाजी का आनंद ले रहा है।

Local authorities have made extensive security and safety arrangements across all major bathing ghats to manage the heavy influx of pilgrims. राजिम में विशेष तौर पर गोताखोरों और पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि स्नान के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो। वहीं, पतंगबाजी के दौरान पक्षियों की सुरक्षा और चाइनीज मांझे के उपयोग को रोकने के लिए भी प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर पूरे प्रदेश में मेलों जैसा माहौल है, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश कर रहा है।



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