बब्बर खालसा की धमकी के बाद दीप्ति त्रिपाठी की बीजेपी ज्वाइनिंग टली: पंचकूला में आतंकी साये के बीच सुरक्षा अलर्ट



पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला में उस वक्त हड़कंप मच गया जब भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी की पत्नी दीप्ति त्रिपाठी के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कार्यक्रम को आतंकी हमले की धमकी के बाद आनन-फानन में रद्द करना पड़ा। खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) को पुख्ता इनपुट मिले थे कि आईएसआई (ISI), रिंदा ग्रुप और प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा दीप्ति त्रिपाठी को निशाना बना सकते हैं। बुधवार को पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय 'पंचकमल' में उनके स्वागत की भव्य तैयारियां की गई थीं, लेकिन जान का खतरा देखते हुए सुरक्षाबलों ने कार्यक्रम को स्थगित करने की सलाह दी। The imminent threat from cross-border terror modules has forced a high-profile political entry to be put on hold for immediate safety reasons.

दीप्ति त्रिपाठी अपने समर्थकों और करीब एक हजार लोगों के काफिले के साथ भाजपा कार्यालय पहुंच चुकी थीं, जहां जिला अध्यक्ष अजय मित्तल और कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा उनका इंतजार कर रहे थे। इसी बीच खुफिया विभाग की ओर से दी गई चेतावनी के बाद वहां मौजूद भीड़ को देखते हुए सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की गई। एजेंसियों के अनुसार, भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम में आतंकी हमले की आशंका थी, जिसे टालने के लिए ज्वाइनिंग की नई तारीख घोषित करने का निर्णय लिया गया। दीप्ति त्रिपाठी ने बताया कि वह लंबे समय से समाज सेवा में सक्रिय हैं और राजनीति के जरिए अपने काम का दायरा बढ़ाना चाहती हैं। The decision to postpone the event was taken to prevent any potential collateral damage in a crowded public setting.

धमकी मिलने के बाद दीप्ति त्रिपाठी और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उनके आवास पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गौरतलब है कि बीबीएमबी के चेयरमैन की पत्नी होने के नाते और उनकी बढ़ती सक्रियता के कारण वह कट्टरपंथी तत्वों के निशाने पर हो सकती हैं। दीप्ति ने स्पष्ट किया है कि वे धमकियों से डरने वाली नहीं हैं और जल्द ही एक सुरक्षित माहौल में विधिवत रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगी। सुरक्षा एजेंसियां अब उन कॉल और संदेशों की जांच कर रही हैं जिनके जरिए यह धमकी दी गई थी, ताकि साजिशकर्ताओं के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके। The state police is now investigating the origins of the threat messages to track down the handlers linked to Babbar Khalsa and the Rinda group.


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