नई दिल्ली: मकर संक्रांति के पावन पर्व पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी वासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा विस्तार किया है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में 81 नए 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' का उद्घाटन किया, जिससे अब शहर में इन केंद्रों की कुल संख्या 319 हो गई है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से दिल्ली के नागरिकों को उनके घर के ठीक पास सुलभ, मुफ्त और सम्मानजनक प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। सरकार का लक्ष्य पूरी दिल्ली में कुल 1,100 ऐसे आरोग्य मंदिर स्थापित करने का है, ताकि बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम हो सके और स्थानीय स्तर पर ही इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
The new Ayushman Arogya Mandirs will function as primary health hubs, offering a wide range of free services including doctor consultations, essential medicines, and diagnostic tests. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इन केंद्रों पर केवल सामान्य बीमारियों का इलाज ही नहीं होगा, बल्कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कैंसर की शुरुआती स्क्रीनिंग भी की जाएगी। इसके अलावा, यहाँ मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और योग व पोषण से जुड़ी सलाह भी मुफ्त दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए मील का पत्थर साबित होगी, जिन्हें अब छोटी जांचों के लिए बड़े अस्पतालों की लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा।
The Delhi government is aligning its health roadmap with the national vision of 'Health for All,' having already issued over 6.9 lakh health cards under the Ayushman Bharat scheme. स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी साझा किया कि 13 जनवरी 2026 तक दिल्ली में 2.65 लाख से अधिक 'वय वंदना कार्ड' जारी किए जा चुके हैं, और वर्तमान में 189 अस्पताल सूचीबद्ध हैं जहाँ कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध है। मालवीय नगर और भीम नगर जैसे क्षेत्रों में नए केंद्रों के खुलने से स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि आने वाले महीनों में शेष केंद्रों का निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि दिल्ली के हर वार्ड में कम से कम एक सुसज्जित आरोग्य मंदिर उपलब्ध हो।