देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड के विकास और जनकल्याण से जुड़े 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में सबसे प्रमुख निर्णय समान नागरिक संहिता (UCC) में संशोधन को लेकर लिया गया। सरकार अब इसके लिए एक अध्यादेश लाएगी, जिसके तहत जनवरी 2025 से पहले शादी करने वाले जोड़ों को विवाह पंजीकरण के लिए 6 महीने के बजाय 1 साल का समय दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, रजिस्ट्रार जनरल का पद अब अपर सचिव स्तर के अधिकारी के पास होगा और समय पर पंजीकरण न करने पर जुर्माने की जगह 'पेनाल्टी' शब्द का उपयोग किया जाएगा।
The cabinet also delivered a long-awaited victory for UPNAL employees, approving the 'Equal Pay for Equal Work' policy. धामी सरकार ने पूर्व में निर्धारित 12 वर्ष की सेवा अवधि को घटाकर अब 10 वर्ष कर दिया है। इस फैसले से राज्य के लगभग 7,000 से 8,000 कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही, यह भी तय किया गया है कि भविष्य में उपनल के माध्यम से केवल भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास से जुड़े कार्य ही किए जाएंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'होम स्टे' नीति में बड़ा बदलाव करते हुए अब इसका लाभ केवल स्थानीय निवासियों (स्थायी निवास प्रमाण पत्र धारकों) तक सीमित कर दिया गया है, जबकि बाहरी राज्यों के लोग केवल 'ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट' योजना का ही संचालन कर सकेंगे।
In a major boost to the agriculture sector, the government approved the Sugarcane Price at ₹405 per quintal for the early variety for the 2025-26 season. इसके अलावा, बागवानी मिशन के तहत एंटी हेलनेट पर केंद्र की 50% सब्सिडी के साथ राज्य सरकार ने अब 25% अतिरिक्त सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। न्यायिक क्षेत्र में सुधार के लिए पॉक्सो और एनडीपीएस मामलों की त्वरित सुनवाई हेतु 16 विशेष न्यायालयों के गठन और 144 पदों की स्वीकृति दी गई है। दून विश्वविद्यालय में 'हिंदू अध्ययन केंद्र' के लिए भी शैक्षणिक और अन्य पदों को मंजूरी मिली है।