नई दिल्ली : बजट से पहले पेश किए गए Economic Survey 2025-26 ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती की एक सुनहरी तस्वीर पेश की है। सर्वे के मुताबिक, वैश्विक तनाव और अमेरिकी टैरिफ (US Tariff) की चुनौतियों के बावजूद भारत की GDP growth rate 7.4% रहने का अनुमान है। सबसे बड़ी खबर अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर है; सर्वे में संकेत दिए गए हैं कि साल 2026 में भारत और अमेरिका के बीच एक बड़ी Trade Deal पर मुहर लग सकती है, जो निर्यात के क्षेत्र में नई जान फूंकेगी।
आर्थिक सर्वेक्षण में स्पष्ट किया गया है कि अमेरिकी टैरिफ और कमजोर वैश्विक मांग का भारत पर मामूली असर पड़ा है। इसका श्रेय सरकार के fiscal discipline (राजकोषीय अनुशासन) और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में किए गए भारी निवेश को जाता है। सर्वे के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 4.8% तक सीमित रहने की उम्मीद है। घरेलू मांग को भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत बताया गया है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में संतुलित बनी हुई है।
इस बार के आर्थिक सर्वे की एक और खास बात यह है कि इसमें Artificial Intelligence (AI) पर एक विशेष अध्याय शामिल किया गया है, जो दर्शाता है कि सरकार भविष्य की तकनीक को लेकर कितनी गंभीर है। साथ ही, सर्वेक्षण में राज्यों को 'कैश ट्रांसफर' जैसी लोकलुभावन योजनाओं के बजाय Capital Expenditure (Capex) यानी पूंजीगत खर्च पर जोर देने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और स्थिर बैंकिंग सिस्टम के कारण भारत किसी भी वैश्विक मैक्रो-इकोनॉमिक संकट का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।