आर्थिक सर्वेक्षण 2026: भारतीय अर्थव्यवस्था की चमक बरकरार; वित्त मंत्री ने पेश की रिपोर्ट, जानें जीडीपी ग्रोथ के अनुमान और लाइव देखने का तरीका


नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 'आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26' (Economic Survey) पेश कर दिया है। यह रिपोर्ट आगामी केंद्रीय बजट के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है और देश की आर्थिक सेहत का विस्तृत विवरण देती है। सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ (Real GDP Growth) का अनुमान 6.8% से 7.2% के बीच रखा गया है। मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन की देखरेख में तैयार यह दस्तावेज भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में रेखांकित करता है। The Economic Survey 2025-26 Projection reflects steady domestic demand and macroeconomic stability despite global geopolitical uncertainties.

आर्थिक सर्वेक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि भारत ने उच्च ब्याज दरों और वैश्विक व्यापार बाधाओं के बावजूद एक "गोल्डिलॉक्स" (Goldilocks) परिदृश्य बनाए रखा है, जहाँ विकास मजबूत है और महंगाई काबू में है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) भारतीय रिजर्व बैंक के 4% के लक्ष्य से नीचे आ गई है। साथ ही, चालू वित्त वर्ष (FY26) में भारत की अर्थव्यवस्था के 7.4% की दर से बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। This Robust Economic Growth and Cooling Inflation provide the necessary fiscal space for the government to potentially consider tax reliefs in the upcoming Union Budget on February 1.

यदि आप आर्थिक सर्वेक्षण की मुख्य बातें और इसके बाद होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस को लाइव देखना चाहते हैं, तो आप संसद टीवी (Sansad TV) और दूरदर्शन के चैनलों पर इसे देख सकते हैं। इसके अलावा, यूट्यूब पर 'Sansad TV' और 'PIB India' के आधिकारिक चैनलों पर भी लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध है। सर्वेक्षण की पूरी पीडीएफ (PDF) रिपोर्ट अब वित्त मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (indiabudget.gov.in) पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो गई है, जहाँ आप कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र के विस्तृत आंकड़े देख सकते हैं। The Live Streaming of Economic Survey 2026 on digital platforms allows citizens and experts to analyze the nation's financial roadmap in real-time.

सर्वेक्षण में भविष्य की चुनौतियों के प्रति भी सचेत किया गया है। विशेष रूप से निर्यात क्षेत्र के लिए बढ़ते वैश्विक व्यापार संरक्षणवाद और बाहरी आर्थिक झटकों को "ज्ञात अज्ञात" (Known Unknowns) जोखिम बताया गया है। हालांकि, देश की मजबूत राजकोषीय स्थिति और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में निवेश बढ़ने से मध्यम अवधि में विकास की संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से शुरू हुआ यह बजट सत्र 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा, जिसमें 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है। This Assessment of Global Risks and Domestic Strengths sets a realistic tone for India’s economic policy priorities for the next decade.


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