EPFO 3.0: अब एटीएम और यूपीआई से निकलेगा पीएफ का पैसा, 8 करोड़ कर्मचारियों के लिए बैंकिंग जैसा आसान होगा सिस्टम



नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने 8 करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रहा है। 'ईपीएफओ 3.0' के तहत अब पीएफ निकासी की प्रक्रिया किसी बैंक खाते से पैसे निकालने जैसी आसान हो जाएगी। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के अनुसार, अप्रैल 2026 तक पीएफ ग्राहक सीधे एटीएम और यूपीआई (UPI) के जरिए अपने फंड का एक हिस्सा निकाल सकेंगे। इसके लिए भीम (BHIM) ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा और शुरुआत में निकासी की सीमा प्रति ट्रांजैक्शन 25,000 रुपये तक सीमित हो सकती है। इस हाई-टेक सिस्टम का उद्देश्य क्लेम सेटलमेंट में होने वाली देरी और जटिल कागजी कार्यवाही को पूरी तरह खत्म करना है। The transition to a core banking model will allow members to access their accounts from any EPFO regional office across India.

ईपीएफओ 3.0 केवल निकासी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जरिए सेवाओं को और भी सुगम बनाएगा। नए पोर्टल में 'भाषिणी' (Bhashini) नामक एआई-आधारित भाषा अनुवाद टूल जोड़ा जाएगा, जिससे सदस्य अपनी स्थानीय भाषाओं (जैसे हिंदी, मराठी, तमिल आदि) में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। नियमों को सरल बनाते हुए 13 निकासी श्रेणियों को घटाकर केवल तीन कर दिया गया है: अनिवार्य आवश्यकताएं (बीमारी, शिक्षा, विवाह), आवास (घर खरीदना या लोन चुकाना), और विशेष परिस्थितियां (बेरोजगारी)। अब सभी श्रेणियों के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को घटाकर मात्र 12 महीने कर दिया गया है, जो पहले सात साल तक हुआ करती थी। The integration of AI and vernacular support is set to bridge the communication gap for millions of informal and formal sector workers.

नए सुधारों के तहत, सदस्य अपने पीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा तुरंत निकाल सकते हैं, जबकि 25% राशि को खाते में सुरक्षित रखा जाएगा ताकि उस पर 8.25% की दर से ब्याज मिलता रहे और भविष्य की सुरक्षा बनी रहे। पिछले साल शुरू की गई 'स्व-सुधार' (Self-correction) सुविधा ने पहले ही लाखों लोगों को अपना नाम और जन्मतिथि ऑनलाइन सुधारने की शक्ति दी है, जिससे नियोक्ताओं पर निर्भरता कम हुई है। अब 95% से अधिक क्लेम 'ऑटो-सेटलमेंट' मोड के तहत महज 3 दिनों के भीतर बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पूरे हो रहे हैं। 28 लाख करोड़ रुपये के विशाल फंड को संभालने वाला ईपीएफओ अब एक पूर्णतः डिजिटल और पारदर्शी संगठन बनने की दिशा में है, जिससे 'ईज ऑफ लिविंग' को बढ़ावा मिलेगा। The automated claim process ensures that urgent financial needs are met within hours instead of weeks.



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