फतेहपुर शेखावाटी: राजस्थान के सीकर जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ नेशनल हाईवे-52 पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत हो गई। मृतकों में 80 वर्षीय सास, उनकी पांच बहुएं और एक बेटी शामिल हैं। यह परिवार लक्ष्मणगढ़ में एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होकर वापस अपने गांव रघुनाथपुरा लौट रहा था। हादसे के समय परिवार चार अलग-अलग गाड़ियों में सवार था, जिनमें से तीन गाड़ियों में पुरुष थे और एक कार में केवल महिलाएं बैठी थीं। हरसावा गांव के पास कार चालक द्वारा ओवरटेक करने की कोशिश में वाहन अनियंत्रित हो गया और पहले एक पिकअप से टकराने के बाद सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसा।
The impact of the collision was so severe that the car was completely crushed, killing six women almost instantly, while the seventh succumbed to injuries on the way to the hospital. मृतकों की पहचान मोहिनी देवी (80), उनकी बहुओं चंदा देवी (55), तुलसी देवी (45), बरखा देवी (35), आशा देवी (60), संतोष देवी (45) और बेटी इंदिरा (60) के रूप में हुई है। चश्मदीदों के अनुसार, चालक को बार-बार गाड़ी धीरे चलाने की हिदायत दी गई थी, लेकिन तेज रफ्तार और ओवरटेक करने की सनक सात जिंदगियों पर भारी पड़ गई। कार चालक वसीम और एक अन्य युवती सोनू गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज जयपुर के अस्पताल में चल रहा है। इस हादसे ने पूरे रघुनाथपुरा गांव को शोक में डुबो दिया है और गांव में किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला।
Chief Minister Bhajanlal Sharma and Governor Haribhau Bagde expressed deep condolences over the tragedy, directing the administration to provide all possible help to the grieving family. फतेहपुर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि एनएच-52 पर दो साल पहले मकर संक्रांति के दिन ही इसी तरह के हादसे में सात लोगों की जान गई थी, जो इस मार्ग पर यातायात सुरक्षा और तेज रफ्तार पर नियंत्रण की कमी को दर्शाता है। जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा और विधायक हाकम अली ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाई।