इंदौर/मुंबई: वैश्विक बाजारों में मची हलचल के बीच भारतीय सराफा बाजार में गुरुवार को ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला है। MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर चांदी की कीमतों ने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए पहली बार ₹4,06,863 प्रति किलोग्राम का आंकड़ा छू लिया है। वहीं, सोने की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी आई और यह ₹10,000 की बढ़त के साथ ₹1,75,869 प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर जा पहुँचा। कीमतों में इस अप्रत्याशित वृद्धि ने निवेशकों और आम उपभोक्ताओं के बजट को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। The Historic Surge in Gold and Silver Prices on MCX reflects a global rush towards safe-haven assets amid extreme geopolitical and economic volatility.
चांदी की कीमतों में इस 'रॉकेट' जैसी तेजी के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इंडस्ट्रियल डिमांड (औद्योगिक मांग) में भारी इजाफा हुआ है, खासकर सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और AI डेटा सेंटर्स में चांदी का उपयोग 50% से अधिक बढ़ गया है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर सप्लाई में कमी और माइनिंग कॉस्ट (खनन लागत) बढ़ने से चांदी की किल्लत बढ़ गई है। 'पृथ्वीफिनमार्ट' के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मांग इसी तरह बनी रही, तो चांदी जल्द ही ₹4.5 लाख का स्तर भी पार कर सकती है। This Exponential Growth in Industrial Silver Demand for green energy and AI tech is the primary driver behind the current price explosion.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयानों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी आग में घी डालने का काम किया है। ट्रंप द्वारा डॉलर की गिरावट पर चिंता न जताने और कनाडा व दक्षिण कोरिया पर ऊंचे टैरिफ लगाने की धमकी से डॉलर इंडेक्स (DXY) चार साल के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है। कमजोर डॉलर का मतलब है कि विदेशी खरीदारों के लिए सोना-चांदी खरीदना सस्ता हो गया है, जिससे वैश्विक बाजारों में भारी खरीदारी (Safe-haven buying) शुरू हो गई है। साथ ही, ईरान द्वारा अमेरिकी हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी ने निवेशकों को डरा दिया है, जिससे वे सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर भाग रहे हैं। The Weakening US Dollar and Rising Middle East Tensions have created a perfect storm for precious metals to reach unprecedented valuations.
घरेलू बाजार की बात करें तो शादियों और त्योहारों के सीजन में सोने-चांदी की इन कीमतों ने आम आदमी की पहुँच से गहनों को दूर कर दिया है। इंदौर और अन्य बड़े शहरों के ज्वेलर्स का कहना है कि ऊंचे भाव के कारण शोरूम में ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है, हालांकि पुराने निवेशकों की संपत्ति में रातों-रात बंपर इजाफा हुआ है। कमोडिटी एक्सपर्ट मनोज कुमार जैन के अनुसार, जब तक सोना ₹1,64,400 के स्तर को बनाए रखता है, तब तक ₹1.75 लाख से ऊपर के लक्ष्य संभव हैं। चांदी के लिए भी ₹4.10 लाख का लक्ष्य अब दूर नहीं लग रहा है। This Unprecedented Bull Run in Bullion is reshaping investment portfolios and consumer behavior across the country.