भारत का अपना यात्री विमान! HAL और रूस की UAC के बीच 'सुपरजेट-100' डील फाइनल, अब सुखोई के DNA वाला विमान भरेगा उड़ान



बेंगलुरु : भारतीय विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) के साथ Superjet-100 बनाने के लिए मेगा डील पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस समझौते के तहत, भारत अब रूस के सहयोग से अपने ही देश में 'सुखोई' के डिजाइन वाला अत्याधुनिक पैसेंजर विमान तैयार करेगा। HAL को न केवल इसके निर्माण का लाइसेंस मिला है, बल्कि भारत में ही इसकी बिक्री, मरम्मत और maintenance का पूरा जिम्मा भी स्वदेशी कंपनी के पास होगा।

सुपरजेट-100 को छोटे रनवे का 'बाहुबली' कहा जाता है क्योंकि यह शिमला, कुल्लू और पूर्वोत्तर के उन पहाड़ी इलाकों में भी आसानी से लैंड कर सकता है जहाँ बड़े Boeing or Airbus विमानों के पहिए थम जाते हैं। इस विमान की सबसे बड़ी खूबी इसका Fighter Jet DNA है; इसे उसी सुखोई कंपनी ने डिजाइन किया है जो दुनिया के घातक लड़ाकू विमान बनाती है। 100 सीटों की क्षमता वाला यह जेट लगभग 870 किमी/घंटा की high speed से उड़ सकता है, जिससे दिल्ली-पटना या मुंबई-इंदौर जैसे रूट्स पर यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

यह डील 'Make in India' अभियान के लिए गेम-चेंजर साबित होगी क्योंकि अब तक भारतीय एयरलाइंस पूरी तरह विदेशी विमानों पर निर्भर थीं। भारत में निर्माण होने के कारण विमान की लागत कम होगी, जिससे यात्रियों को cheap air tickets का सीधा फायदा मिल सकता है। साथ ही, इसका केबिन अपनी श्रेणी में सबसे चौड़ा है, जो यात्रियों को बेहतरीन leg space and comfort प्रदान करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 3-4 वर्षों में 'मेड इन इंडिया' लिखा हुआ सुपरजेट-100 भारतीय आसमान की रौनक बढ़ाएगा, जिससे टियर-2 और टियर-3 शहरों की connectivity को नई मजबूती मिलेगी।



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