गुरुग्राम: हरियाणा में रहकर मेहनत-मजदूरी करने वाले बिहार के लाखों कामगारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब उन्हें त्योहारों या आपातकालीन स्थिति में घर जाने के लिए केवल ट्रेनों या दिल्ली की बसों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। छठ पूजा के दौरान किए गए सफल ट्रायल के बाद, अब बिहार और हरियाणा के परिवहन विभागों ने स्थायी तौर पर बस सेवा शुरू करने के लिए हाथ मिलाया है। इस योजना के तहत सबसे पहले गुरुग्राम से बिहार के विभिन्न शहरों के लिए सीधी बस सेवा शुरू की जाएगी, क्योंकि गुरुग्राम और इसके आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में बिहार के प्रवासियों की संख्या सर्वाधिक है। यह अंतर-राज्यीय पहल उन हजारों श्रमिकों के लिए एक विश्वसनीय और सीधा यात्रा विकल्प प्रदान करने का लक्ष्य रखती है जो पहले सीमित ट्रेन कनेक्टिविटी के कारण परेशान होते थे।
परिवहन विभाग के महानिदेशक प्रदीप कुमार के अनुसार, बिहार परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और जल्द ही रूटों का निर्धारण कर नियमित समय-सारणी जारी की जाएगी। इससे पहले केवल विशेष अवसरों पर ही बसें चलाई जाती थीं, लेकिन अब इसे एक स्थायी व्यवस्था बनाने की तैयारी है। इसके अलावा, हरियाणा के शहरी परिवहन को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विभाग ने एक और बड़ा कदम उठाया है। आगामी मार्च 2026 तक प्रदेश के नौ प्रमुख शहरों में कुल 450 नई इलेक्ट्रिक बसें उतारने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। वर्तमान में इन शहरों में परीक्षण के तौर पर केवल पांच-पांच बसें चल रही हैं, जिन्हें बढ़ाकर अब प्रति शहर 50 करने की योजना है। शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर यह बदलाव सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ-साथ कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए अगली 'परचेज कमेटी' की बैठक में अंतिम प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसकी मंजूरी मिलते ही डिपो में बसों की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि इन बसों के आने से न केवल यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी। गुरुग्राम के बाद फरीदाबाद, सोनीपत और पानीपत जैसे अन्य औद्योगिक शहरों से भी बिहार के लिए चरणबद्ध तरीके से सीधी बसें चलाई जाएंगी। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से दिल्ली बस अड्डों पर होने वाली भीड़ में भी कमी आएगी और बिहार जाने वाले यात्रियों का समय और पैसा दोनों बचेगा। इलेक्ट्रिक बस बेड़े का विस्तार और लंबी दूरी की सेवाओं की शुरुआत यात्री सुविधा और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ाने की एक दोहरी रणनीति का प्रतिनिधित्व करती है।