हिसार: हरियाणा इस वक्त भीषण शीतलहर और जानलेवा ठंड की चपेट में है, जहां बर्फीली हवाओं ने सामान्य जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। सोमवार की रात इस सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज की गई, जिसमें गुरुग्राम 0.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने 12 जिलों में 'गंभीर शीतलहर' (Severe Cold Wave) का रेड अलर्ट जारी किया है। दक्षिण-पश्चिम हरियाणा के जिलों में पारा जमाव बिंदु के इतना करीब पहुंच गया है कि सुबह के समय खेतों में पाले की सफेद परत जमी हुई दिखाई दे रही है, जिससे रबी की फसलों को भी नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।
Heavy fog has drastically reduced visibility to nearly zero in many areas, leading to fatal accidents and major transport disruptions. करनाल के इंद्री क्षेत्र में घने कोहरे के कारण एक कार अनियंत्रित होकर जोहड़ में जा गिरी, जिसमें एक युवक की दुखद मौत हो गई। कोहरे का असर रेल और सड़क यातायात पर भी साफ देखा जा रहा है; अंबाला-दिल्ली और हिसार-रोहतक नेशनल हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि 25 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं। गुरुग्राम के अलावा नारनौल (1.2°), भिवानी (1.5°), और सोनीपत (1.6°) में भी कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है।
According to weather experts, the sudden drop in temperature is due to radiation cooling following the passage of a western disturbance and the influx of icy north-western winds. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल और रोहतक जैसे जिलों में 'कोल्ड डे' की स्थिति बनी रहेगी। हालांकि, 14 जनवरी के बाद एक हल्के पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है और लोगों को हाड़ कंपाने वाली इस ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल, प्रशासन ने लोगों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने और कोहरे में वाहन सावधानी से चलाने की सलाह दी है।