हिमाचल में आग का तांडव: अर्की अग्निकांड के मलबे से मिले इंसानी अवशेष, सुजानपुर सैनिक स्कूल की तीसरी मंजिल भी जलकर राख


अर्की/सुजानपुर: हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान आगजनी की दो बड़ी घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सोलन जिले के अर्की में हुए भीषण अग्निकांड के दूसरे दिन बचाव कार्य के दौरान बेहद भयावह मंजर देखने को मिला। मलबे में दफन 9 लोगों की तलाश में जुटी एनडीआरएफ और पुलिस टीमों को अब शवों के स्थान पर केवल शरीर के अवशेष मिल रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि इन अवशेषों की पहचान करना संभव नहीं है, जिसके चलते प्रशासन ने अब डीएनए (DNA) टेस्ट के जरिए शिनाख्त कराने का निर्णय लिया है। मंगलवार को दिनभर चले सर्च ऑपरेशन में स्निफर डॉग्स की मदद से अलग-अलग समय पर मलबे से शरीर के कई हिस्से बरामद किए गए, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल लैब जुन्गा भेज दिया गया है।

The rescue operation in Arki saw over 100 personnel from NDRF, SDRF, and Home Guards working tirelessly through the debris. एसपी सोलन गौरव सिंह ने पुष्टि की कि वैज्ञानिक तरीके से पहचान सुनिश्चित करने के लिए हर संभव साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसी बीच, हमीरपुर जिले के सुजानपुर से भी आगजनी की एक और गंभीर खबर सामने आई। मंगलवार दोपहर करीब 1:20 बजे सैनिक स्कूल सुजानपुर के भवन की तीसरी मंजिल में अचानक भीषण आग लग गई। गनीमत यह रही कि इन दिनों स्कूल में छुट्टियां होने के कारण बच्चे वहां मौजूद नहीं थे, अन्यथा एक बड़ी जनहानि हो सकती थी।


The fire at Sainik School was so intense that fire tenders had to be rushed from Hamirpur, Nadaun, and Jaisinghpur to bring the situation under control. अग्निशमन विभाग की प्रारंभिक जांच के अनुसार, तीसरी मंजिल पर चल रहे वेल्डिंग कार्य के दौरान निकली चिंगारी ने सामान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे एनसीसी स्टोर रूम में रखी कैडेट्स की वर्दियां, जूते, बेल्ट और फर्नीचर जलकर राख हो गए। हालांकि, पुलिस और होमगार्ड के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए स्कूल की कंप्यूटर लैब को जलने से बचा लिया। लेफ्टिनेंट कर्नल राजेंद्र कुमार और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया।



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