शिमला: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने नशे (चिट्टा) के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए पुलिस बल के 11 कर्मियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान स्पष्ट संदेश दिया कि कानून के रक्षक यदि कानून तोड़ने वालों के साथ हाथ मिलाएंगे, तो उनके लिए विभाग में कोई जगह नहीं होगी। यह अनुशासनात्मक कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत की गई है, जो सरकार को विशेष परिस्थितियों में बिना लंबी जांच के गंभीर कदाचार के आधार पर कर्मचारियों को सेवामुक्त करने का अधिकार देता है।
The decision came following a detailed presentation by Director General of Police (DGP) Ashok Tiwari, highlighting the internal involvement of certain officers in drug-related activities. मुख्यमंत्री ने केवल बर्खास्तगी तक ही सीमित न रहते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि चिट्टा तस्करी में शामिल किसी भी सरकारी कर्मचारी की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्य सचिव को सौंपी जाए। इसके साथ ही, इन दागी कर्मचारियों द्वारा नशे के अवैध कारोबार से अर्जित की गई बेनामी संपत्ति की भी गहन जांच कर उसकी रिपोर्ट सरकार को भेजने के आदेश दिए गए हैं। बैठक में मौजूद मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि नशा मुक्त हिमाचल बनाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
The state government has also activated the emergency number 112 for citizens to report any information related to 'Chitta' or drug smuggling activities, promising confidentiality for informants. बर्खास्त किए गए पुलिसकर्मियों में एक इंस्पेक्टर और 10 कांस्टेबल स्तर के कर्मचारी शामिल हैं, जो शिमला, बिलासपुर, विजीलैंस, और सीआईडी जैसे महत्वपूर्ण विभागों व बटालियनों में तैनात थे। सरकार की इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और यह स्पष्ट हो गया है कि नशा माफिया को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से संरक्षण देने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है।
बर्खास्त किए गए पुलिसकर्मियों की सूची:
- इंस्पेक्टर नीरज कुमार (आईआरबी बनगढ़)
- कांस्टेबल शुभम ठाकुर (जिला बिलासपुर)
- कांस्टेबल कपिल (आईआरबी पंडोह)
- कांस्टेबल शिव कुमार (एसडीआरएफ)
- कांस्टेबल लक्ष्य चौहान (जिला शिमला)
- कांस्टेबल/ड्राइवर विशाल ठाकुर (विजीलैंस)
- कांस्टेबल गौरव वर्मा (आईआरबी जंगलबैरी)
- कांस्टेबल/ड्राइवर संदीप राणा (आईआरबी सकोह)
- कांस्टेबल अंकुश कुमार (एसडीआरएफ)
- कांस्टेबल रजत चंदेल (स्टेट सीआईडी)
- कांस्टेबल राहुल वर्मा (जिला शिमला)