हिमाचल प्रदेश: स्कूल बोर्ड ने SOS छात्रों को दिया फीस जमा करने का अंतिम मौका; हमीरपुर में यूजीसी बिल के खिलाफ सवर्ण समाज का हल्ला बोल


धर्मशाला/हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राज्य मुक्त विद्यालय (SOS) के उन छात्र-छात्राओं को भविष्य बचाने का एक अंतिम अवसर प्रदान किया है, जिनकी परीक्षा फीस तकनीकी कारणों से अटक गई थी। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने जानकारी दी कि मार्च-2026 सत्र की परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन 228 परीक्षार्थियों की फीस बोर्ड के खाते में जमा नहीं हुई है। इनमें 8वीं के 17, 10वीं के 97 और 12वीं के 114 छात्र शामिल हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कई मामलों में भुगतान होने के बाद पैसा वापस अभ्यर्थियों के खातों में लौट गया था। संबंधित अध्ययन केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 31 जनवरी तक बोर्ड मुख्यालय के काउंटर पर व्यक्तिगत रूप से फीस जमा करवाएं, अन्यथा इन छात्रों के एडमिट कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे। The Himachal School Education Board has extended a final lifeline to SOS students to clear their pending exam fees by the end of January to avoid debarment from March 2026 exams.


दूसरी ओर, हमीरपुर जिला मुख्यालय पर केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यूजीसी (UGC) बिल के विरोध में सवर्ण समाज और राजपूत महासभा ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। बुधवार को सैकड़ों की संख्या में एकत्रित प्रदर्शनकारियों ने शहर में रैली निकाली और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सवर्ण समाज का आरोप है कि मोदी सरकार जाति और धर्म के आधार पर विभाजनकारी राजनीति कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त (DC) के माध्यम से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर इस विवादित बिल को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें अनसुनी की गईं, तो वे आने वाले चुनावों में नेताओं को कड़ा सबक सिखाएंगे। This Massive Protest in Hamirpur against the UGC Bill highlights the growing resentment among the general category organizations over perceived caste-based discrimination in central policies.

रैली का नेतृत्व करते हुए पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राकेश ठाकुर और राजपूत महासभा के महासचिव जोगिंदर सिंह ने केंद्र सरकार पर सवर्ण समाज के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। राकेश ठाकुर ने 1990 के दौर का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह वीपी सिंह सरकार ने मंडल कमीशन लागू कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया था, वर्तमान सरकार भी उसी राह पर चल रही है। हमीरपुर ब्लॉक समिति के अध्यक्ष हरीश शर्मा ने कहा कि यह बिल समाज में जातिगत भेदभाव को और गहरा करेगा। प्रदर्शनकारी नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि सवर्ण समाज अब चुप नहीं बैठेगा और इस विरोध को एक बड़े जन आंदोलन में बदल दिया जाएगा। The Outcry over UGC Bill Notification has united various upper-caste groups in Himachal, who demand merit-based policies instead of further caste-linked divisions in education and employment.



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