हिमाचल में कुदरत का कोहराम: चंबा में वफादार कुत्ते ने पेश की मिसाल, भारी बर्फबारी से 832 सड़कें बंद और बिलासपुर में हाई-टेक सुरक्षा की तैयारी


शिमला/चंबा: देवभूमि हिमाचल प्रदेश इस समय कुदरत के दो अलग-अलग रंगों का गवाह बन रहा है एक ओर जहां भारी बर्फबारी ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं दूसरी ओर चंबा के पहाड़ों से वफादारी की एक ऐसी मर्मस्पर्शी कहानी सामने आई है जिसने सबका दिल जीत लिया है। चंबा (Chamba) के भरमाणी माता मंदिर की ऊंची चोटियों पर वीडियो शूट करने गए दो किशोरों, विकसित राणा (19) और पीयूष (13), की बर्फीले तूफान में फंसने से मृत्यु हो गई। लेकिन इस त्रासदी के बीच पीयूष का पालतू कुत्ता चार दिनों तक हाड़ कंपाने वाली ठंड में अपने मालिकों के बेजान शरीरों के पास पहरा देता रहा। सोमवार को जब SDRF और सेना के हेलीकॉप्टर (Himachal Rescue Operations) मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि वह बेजुबान बिना अन्न-जल के बर्फ की चादर के बीच अडिग बैठा था। स्थानीय विधायक जनक राज ने पुष्टि की है कि वफादार कुत्ते को सुरक्षित बचाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।



पहाड़ों पर बर्फबारी का कहर अब 'ब्लैकआउट' और 'जाम' में बदल चुका है। प्रदेश की 832 मुख्य सड़कें बंद हैं, जिनमें मनाली-लेह और शिमला-रामपुर जैसे महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे शामिल हैं। बिजली का संकट गहरा गया है क्योंकि 1,942 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं, जिससे आधा हिमाचल अंधेरे में डूबा है। अटल टनल के पास BRO ने कड़ी मशक्कत के बाद सिंगल लेन बहाल कर सिस्सू और जिस्पा में फंसे 200 सैलानियों को सुरक्षित निकाला है। हालांकि, राहत की उम्मीद अभी कम है क्योंकि मौसम विभाग (IMD Himachal Pradesh Alert) ने 27 जनवरी के लिए लाहौल-स्पीति, चंबा और कुल्लू में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और 31 जनवरी तक भारी बर्फबारी का नया दौर शुरू होने की चेतावनी दी है।



इसी बीच, जिला बिलासपुर में अपराध नियंत्रण के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। एस.पी. संदीप धवल के अनुसार, बिलासपुर और घुमारवीं के बाद अब धार्मिक नगरी शाहतलाई को भी अत्याधुनिक सी.सी.टी.वी. कैमरों से लैस किया जाएगा। घुमारवीं में 120 में से 78 कैमरे लगाए जा चुके हैं। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करी और चोरी जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। शाहतलाई में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया जाएगा जो सीधे जिला मुख्यालय से जुड़ा होगा। हिमाचल पुलिस (Himachal Police Surveillance Project) की यह पहल श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता में सुरक्षा की भावना को और मजबूत करेगी, विशेषकर बॉर्डर क्षेत्रों में तस्करों पर पैनी नजर रखी जा सकेगी।



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