ईरान में गहराता संकट: भारत शुक्रवार से शुरू करेगा 'रेस्क्यू मिशन', 3400 मौतों के बीच नागरिकों को निकालने की बड़ी तैयारी



तेहरान/नई दिल्ली: ईरान में आर्थिक मंदी और मुद्रा 'रियाल' के ऐतिहासिक अवमूल्यन से उपजी हिंसा अब एक भयावह गृहयुद्ध जैसे हालातों में बदल चुकी है। पिछले 15 दिनों से जारी इस राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन में अब तक 3,400 से अधिक लोगों की जान जाने की खबर है। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान में फंसे अपने छात्रों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए 'विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन' की रूपरेखा तैयार कर ली है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय (MEA) शुक्रवार से विशेष विमानों के जरिए उन नागरिकों की वापसी शुरू कर सकता है जिन्होंने घर लौटने की इच्छा जताई है।

The crisis, which has now spread to all 31 provinces of Iran, has forced the Indian Embassy in Tehran to issue a stern advisory urging all Indian nationals to leave the country immediately via any available commercial or chartered flights. ईरान में वर्तमान में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह निलंबित हैं और टेलीफोन नेटवर्क भी ठप पड़ा है, जिससे संचार की बड़ी समस्या पैदा हो गई है। ऐसे में भारतीय दूतावास के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर भारतीय नागरिकों से संपर्क साध रहे हैं। विदेश मंत्रालय उन सभी भारतीयों का डेटा जुटा रहा है जो वहां फंसे हुए हैं ताकि लॉजिस्टिक व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा सके।

The Indian Embassy has shared emergency helpline numbers and requested families in India to register their relatives' details on the official portal if internet access is blocked in Iran. मानवाधिकार संगठनों के दावों के अनुसार, सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जिससे आगामी दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसकी प्राथमिकता हर एक भारतीय की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। दूतावास ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने पासपोर्ट और पहचान पत्र हर समय साथ रखें और प्रदर्शन वाली जगहों से पूरी तरह दूर रहें।


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