ईरान में विद्रोह की आग: 186 शहरों तक फैला प्रदर्शन, ट्रंप ने दिया 'सैन्य कार्रवाई' का संकेत और 25% टैरिफ का ऐलान



तेहरान: ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे गंभीर आंतरिक संकट और बाहरी दबाव के दौर से गुजर रहा है। पिछले 15 दिनों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन अब 186 शहरों और कस्बों तक फैल चुके हैं, जिनमें सुरक्षा बलों की कार्रवाई में करीब 646 लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। महंगाई और बेरोजगारी से शुरू हुआ यह असंतोष अब तख्तापलट की मांग में बदल चुका है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर चौतरफा दबाव बढ़ाते हुए उन सभी देशों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है जो ईरान के साथ व्यापार जारी रखेंगे। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईरान में लोकतंत्र की बहाली के लिए हवाई हमले और सैन्य हस्तक्षेप जैसे सभी विकल्प मेज पर हैं।

The United States has issued an emergency advisory urging its citizens to leave Iran immediately, suggesting land routes through Armenia or Turkey as airspace remains restricted. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप जरूरत पड़ने पर सेना भेजने से पीछे नहीं हटेंगे। उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने पलटवार करते हुए कहा है कि वे युद्ध नहीं चाहते, लेकिन किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं, सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई को सीधे तौर पर 'ड्रोन हमले' की धमकी देकर तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।

Amidst the chaos, Nobel Laureate Malala Yousafzai has extended her powerful support to the women and girls of Iran. मलाला ने अपने संदेश में कहा कि ईरानी महिलाएं केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि सम्मान और अपनी मर्जी से जीवन जीने के अधिकार की मांग कर रही हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि ईरान का भविष्य वहां की जनता, विशेषकर महिलाओं की भागीदारी से तय होना चाहिए, न कि किसी दमनकारी सरकार के दबाव में। निर्वासन में रह रहे रजा पहलवी ने भी प्रदर्शनकारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा है कि 'आजादी अब दूर नहीं है'। फिलहाल इंटरनेट पाबंदियों के बावजूद ईरान से आ रही खबरें एक बड़े वैश्विक बदलाव का संकेत दे रही हैं।



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