सांबा: जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में एक बार फिर पाकिस्तानी ड्रोन की संदिग्ध गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। पिछले 48 घंटों के भीतर दूसरी बार राजौरी, सांबा और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास कई ड्रोन मंडराते देखे गए। मंगलवार, 13 जनवरी की शाम करीब 7 बजे राजौरी के चिन्गस और मंजकोटे सेक्टर में ड्रोन दिखने के बाद भारतीय सेना के सतर्क जवानों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसके बाद वे वापस पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की ओर भाग निकले। इस घटना के बाद पूरी सीमा पर 'हाई अलर्ट' जारी कर दिया गया है।
The recent surge in drone incursions began on Sunday evening when at least five drones were simultaneously spotted across multiple locations, including Samba’s Ramgarh sector and Rajouri’s Nowshera sector. अधिकारियों के अनुसार, इन ड्रोनों में टिमटिमाती लाइटें लगी थीं और ये भारतीय क्षेत्र के काफी अंदर तक घुसने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा बलों ने 'काउंटर-ड्रोन' सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया है और उन इलाकों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है जहाँ ड्रोन देखे गए थे। सेना को संदेह है कि इन ड्रोनों का उपयोग जासूसी (Surveillance) करने या आतंकी नेटवर्क के लिए हथियार और नशीले पदार्थों की खेप गिराने के लिए किया जा रहा है।
The threat is underscored by the recent recovery of an arms consignment in Samba’s Paloora village, which included pistols, magazines, and grenades allegedly dropped via a Pakistani drone. आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इन हवाई घुसपैठों को "अस्वीकार्य" करार देते हुए सीमा पार से जारी ऐसी हरकतों को तुरंत रोकने की चेतावनी दी है। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से पहले बढ़ती इन घटनाओं को देखते हुए रात के समय गश्त और तकनीकी निगरानी को दोगुना कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते विफल किया जा सके।