UGC की नई नीति के खिलाफ करणी सेना का हल्लाबोल: इंदौर से उठी विरोध की चिंगारी, 1 फरवरी को 'भारत बंद' का किया आह्वान


इंदौर: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा हाल ही में लागू की गई 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी' नीति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में श्री राजपूत करणी सेना ने इस नीति के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय (DAVV) परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने विरोध के अनोखे तरीके के रूप में परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया और कुलपति को ज्ञापन सौंपकर इस नीति को तुरंत वापस लेने की मांग की। The Karni Sena's Protest in Indore signals a growing unrest among certain sections of society against the new educational guidelines.

करणी सेना के अध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह ने इस अवसर पर एक बड़ा ऐलान करते हुए 1 फरवरी, 2026 को 'भारत बंद' का आह्वान किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यूजीसी की यह नीति समानता के अधिकार का उल्लंघन करती है। आंदोलन की रणनीति साझा करते हुए उन्होंने बताया कि 2 फरवरी को मध्य प्रदेश के सभी सांसदों का घेराव किया जाएगा। सांसदों से लिखित आश्वासन मांगा जाएगा कि वे केंद्र सरकार के समक्ष इस प्रस्ताव का विरोध करेंगे। समर्थन करने वाले जनप्रतिनिधियों को चूड़ियां भेंट करने और उनकी प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालने की भी घोषणा की गई है। This Nationwide Shutdown Call reflects the intensifying opposition to the government's recent higher education reforms.

दरअसल, विवाद की जड़ यूजीसी द्वारा 13 जनवरी को जारी किया गया वह नोटिफिकेशन है, जिसे 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस' के नाम से जाना जाता है। सरकार का तर्क है कि इस नियम से कॉलेजों में जाति, धर्म, लिंग और जन्मस्थान के आधार पर होने वाले भेदभाव को जड़ से खत्म किया जा सकेगा। इसके तहत हर संस्थान में एक इक्विटी ऑपरेशन्स सेंटर (EOC) बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि, करणी सेना जैसे संगठन इसे शिक्षा तंत्र में अनावश्यक हस्तक्षेप मान रहे हैं। The UGC Equity Guidelines have become a flashpoint, pitting the government's anti-discrimination agenda against groups claiming it impacts merit and social harmony.



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