श्रीनगर: कश्मीर घाटी में भीषण ठंड का सामना कर रहे लोगों को रविवार को न्यूनतम तापमान में हुई मामूली वृद्धि से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, पूरी घाटी में पारा अभी भी शून्य से कई डिग्री नीचे बना हुआ है। 'चिल्ला-ए-कलां' (Chilla-i-Kalan) के अंतिम चरण में श्रीनगर का न्यूनतम तापमान -1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल Gulmarg -10.2 डिग्री सेल्सियस के साथ जम्मू-कश्मीर का सबसे ठंडा इलाका रहा। दक्षिण कश्मीर के Pahalgam में भी कड़ाके की ठंड के बीच पारा -6.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। The slight rise in night temperatures has provided a brief respite to the residents, although the 40-day harshest winter period continues to freeze the valley.
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Srinagar) के अनुसार, सोमवार को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने की संभावना है, जिससे घाटी के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। विभाग ने सोमवार रात से मंगलवार दोपहर तक कुछ स्थानों पर गरज के साथ तेज बर्फबारी और हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इसके बाद 3 फरवरी तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। This upcoming weather system is expected to impact the higher reaches significantly, potentially affecting road connectivity and essential services.
इधर, पुंछ जिले की मंडी तहसील के दूरदराज और बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए JPDCL (Jammu and Kashmir Power Development Corporation Limited) के कर्मचारियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। भारी बर्फबारी और विषम परिस्थितियों के बावजूद, Field Staff ने क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत कर अंधेरे में डूबे गांवों को फिर से रोशन कर दिया है। स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग की इस कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी टीमें High Alert पर हैं। The dedicated efforts of the JPDCL teams under freezing conditions have been instrumental in maintaining normalcy in the remote mountain belts.