लेह/श्रीनगर: उत्तर भारत के लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में सोमवार सुबह 11:51 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत फैल गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.7 मापी गई है। The earthquake, with its epicenter located near Leh in Ladakh (36.71° N, 74.32° E), originated at a significant depth of 171 kilometers below the surface. गनीमत यह रही कि भूकंप की गहराई अधिक होने के कारण इसकी विनाशकारी शक्ति धरातल तक पहुँचते-पहुँचते कम हो गई, जिससे अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या बुनियादी ढांचे के क्षतिग्रस्त होने की सूचना नहीं मिली है।
भूकंप के झटके केवल लद्दाख तक सीमित नहीं थे, बल्कि कश्मीर घाटी के श्रीनगर, बारामूला, और गांदरबल सहित कई अन्य हिस्सों में भी स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि झटके लगते ही लोग सुरक्षा की दृष्टि से अपने घरों और दफ्तरों से बाहर खुले मैदानों की ओर भागने लगे। Seismic reports indicate that tremors were felt as far as Tajikistan in Central Asia and parts of neighboring Pakistan-occupied Kashmir (PoK). लद्दाख और कश्मीर घाटी दोनों ही भूकंपीय रूप से संवेदनशील जोन 4 और 5 में आते हैं, जिसके कारण यहाँ हल्की तीव्रता वाले भूकंप भी स्थानीय लोगों के बीच पुरानी विनाशकारी यादों को ताजा कर देते हैं।
राहत और बचाव टीमों को एहतियात के तौर पर हाई अलर्ट पर रखा गया है, विशेष रूप से दूर-दराज के पहाड़ी क्षेत्रों में जहाँ भूस्खलन का खतरा बना रहता है। आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और अधिकारियों को रिमोट इलाकों से जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। Seismologists noted that this deep-focus event likely prevented large-scale structural damage, although minor vibrations continued to trigger concern throughout the morning. इससे पहले रविवार को अफगानिस्तान में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जो इस पूरे हिमालयी बेल्ट में बढ़ती टेक्टोनिक हलचल का संकेत दे रहा है।