मुरीदके (पाकिस्तान): आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर अब्दुल रऊफ ने एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान भारतीय सेना की मारक क्षमता का लोहा मानते हुए बड़ा खुलासा किया है। रऊफ ने स्वीकार किया कि मई 2025 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' ने मुरीदके स्थित उनके सबसे सुरक्षित मुख्यालय और प्रशिक्षण केंद्र को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। रऊफ ने नए आतंकियों को संबोधित करते हुए कहा कि 6 और 7 मई को हुए मिसाइल हमलों के बाद वह जगह अब बैठने लायक भी नहीं बची है। यह पहली बार है जब लश्कर के किसी बड़े नेता ने भारतीय स्ट्राइक की सटीकता और उससे हुए भारी नुकसान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है।
The dreaded commander's speech revealed the sheer devastation caused by Indian missiles, describing how their primary 'hub' collapsed and turned into rubble within moments. अब्दुल रऊफ ने बताया कि जिस इमारत को वे अपनी सबसे मजबूत पनाहगाह समझते थे, वह हमले के बाद अब अस्तित्व में नहीं है। उसने यह भी साझा किया कि भारतीय मिसाइलों के गिरने से चंद लम्हे पहले ही प्रशिक्षण ले रहे आतंकियों को वहां से बाहर निकाला गया था, जिससे साफ है कि भारतीय खुफिया तंत्र के पास पल-पल की सटीक जानकारी थी। रऊफ ने ही उन आतंकियों का अंतिम संस्कार कराया था जो इस ऑपरेशन के दौरान मारे गए थे।
The official confirmation from within the terror outfit validates the success of the Indian Army's strategic strikes aimed at dismantling cross-border terror infrastructure. रऊफ के इस बयान ने लश्कर के उन दावों की पोल खोल दी है जिसमें वे अब तक नुकसान को कम करके बता रहे थे। 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत की गई इस कार्रवाई ने न केवल भौतिक ढांचे को नष्ट किया है, बल्कि आतंकी संगठनों के मनोबल को भी गहरी चोट पहुंचाई है। रऊफ के शब्दों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब उनके पास छिपने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं बचा है और भारतीय सेना की नजर उनके हर ठिकाने पर बनी हुई है।