लोहड़ी 2026: आज 13 जनवरी को मनेगा खुशियों का पर्व, जानें अग्नि प्रज्वलित करने का शुभ मुहूर्त, सामग्री और सटीक पूजा विधि


नई दिल्ली: आज 13 जनवरी, मंगलवार को पंजाब और हरियाणा समेत पूरे देश में लोहड़ी का त्योहार पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले मनाया जाने वाला यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने और नई फसल के आगमन की खुशी का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लोहड़ी की पवित्र अग्नि में तिल, गुड़ और गजक अर्पित करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और आरोग्य की प्राप्ति होती है। आज शाम के समय शुभ मुहूर्त में पूजन के बाद अग्नि प्रज्वलित की जाएगी और लोग ढोल की थाप पर गिद्दा व भांगड़ा करते हुए अग्नि देव और सूर्य देवता का आभार व्यक्त करेंगे।

For those planning the evening rituals, the auspicious time (Shubh Muhurat) for Lohri puja today is between 4:25 PM and 5:44 PM. अग्नि प्रज्वलित करने के लिए रात का 'लाभ चौघड़िया' सबसे उत्तम माना गया है, जो शाम 7:25 बजे से शुरू होकर रात 9:06 बजे तक रहेगा। अलग-अलग शहरों की बात करें तो दिल्ली में शाम 7:25 बजे, लुधियाना में 7:28 बजे और अमृतसर में 7:31 बजे के बाद अग्नि प्रज्वलित करना शुभ रहेगा। पूजा सामग्री के लिए गजक, तिल, मूंगफली, रेवड़ी, मक्का की बालियां, सूखा नारियल, अक्षत, सिंदूर और सरसों के तेल का प्रबंध पहले से कर लेना चाहिए ताकि विधि-विधान से पूजन संपन्न हो सके।

The rituals involve arranging logs and cow dung cakes in a circular manner, followed by purifying them with holy water (Gangajal) and applying vermilion and turmeric. शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित करने के बाद परिवार और समाज के लोग मिलकर इसकी परिक्रमा करते हैं और 'सुंदर मुंदरीए' जैसे पारंपरिक गीत गाते हुए अग्नि में तिल और गजक की आहुति देते हैं। पूजा के बाद यह प्रसाद सभी में वितरित किया जाता है। माना जाता है कि लोहड़ी की अग्नि नकारात्मकता को जलाकर जीवन में नई ऊर्जा और भाईचारे का संचार करती है। किसान इस दिन अपनी नई फसल का भोग अग्नि देवता को लगाकर अच्छी पैदावार के लिए प्रार्थना भी करते हैं।



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