लुधियाना: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने औद्योगिक राजधानी लुधियाना को विश्व स्तरीय शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा ने शहर के लिए 162 करोड़ रुपये के भव्य Street Redevelopment Project की शुरुआत की घोषणा की है। इस योजना के तहत शहर के 10 प्रमुख कॉरिडोर की 15 किलोमीटर सड़कों को 'कम्पलीट स्ट्रीट मॉडल' के तहत पुनर्विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य लुधियाना को सुरक्षित, Sustainable और स्मार्ट मोबिलिटी के मॉडल में तब्दील करना है। अब शहर की ये सड़कें न केवल ट्रैफिक के लिए होंगी, बल्कि जीवंत सार्वजनिक स्थानों के रूप में विकसित की जाएंगी। The initiative aims to enhance Urban Mobility by creating inclusive spaces for all road users.
परियोजना के विवरण साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि इस नए डिजाइन में पैदल चलने वालों, साइकिल सवारों और स्ट्रीट वेंडर्स को प्राथमिकता दी गई है। इसमें 5.3 किलोमीटर के आधुनिक फुटपाथ और 15.7 किलोमीटर की समर्पित Cycle Lanes बनाई जाएंगी। जनता की सुविधा के लिए 40 रेन-शेल्टर, 10 सार्वजनिक शौचालय और 36 वॉटर एटीएम (Water ATMs) स्थापित किए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट में Zero Tree Cutting की नीति अपनाई गई है। इसके अलावा, शहर को हरा-भरा बनाने के लिए 3,633 नए पेड़ लगाए जाएंगे और Green Infrastructure को बढ़ावा देने के लिए 54 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पिट्स बनाए जाएंगे। This eco-friendly design focuses on greenery without compromising existing natural resources.
यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (Hybrid Annuity Model) पर आधारित है, जिससे न केवल निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, बल्कि लंबे समय तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित कंपनी की होगी। शेरपुर चौक से जगराओं पुल, मॉडल टाउन रोड और गिल नहर जैसे प्रमुख इलाकों को विशिष्ट डिजाइन थीम के साथ सजाया जाएगा। प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया जारी है और इसे अगस्त 2026 के अंत तक लागू करने की योजना है। सड़क किनारे 250 विशेष Vending Zones बनाने से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। The Smart City Transformation of Ludhiana will set a new benchmark for urban development in North India.