नई दिल्ली: पुरुषों की यौन इच्छा (Sexual Desire) को लेकर समाज में लंबे समय से चली आ रही इस धारणा को एक नए वैज्ञानिक अध्ययन ने चुनौती दी है कि युवाओं में कामेच्छा सबसे अधिक होती है। एस्टोनिया की Tartu University द्वारा किए गए एक व्यापक शोध के अनुसार, पुरुषों की 'पीक सेक्स ड्राइव' उनके 20's में नहीं, बल्कि 40's की शुरुआत में अपने उच्चतम स्तर पर होती है। शोधकर्ताओं ने 20 से 84 वर्ष की आयु के लगभग 67,000 वयस्कों के डेटा का गहन विश्लेषण किया, जिसमें यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पुरुषों की यौन इच्छा उम्र के चौथे दशक में अपने शिखर पर पहुंचती है और फिर धीरे-धीरे कम होने लगती है। दिलचस्प बात यह है कि 60 की उम्र के पुरुषों में भी कामेच्छा का स्तर 20 साल के युवाओं के लगभग बराबर पाया गया। The study published in Scientific Reports suggests that maturity and stable relationships play a more significant role than biological aging alone.
अध्ययन के अनुसार, महिलाओं में यह ट्रेंड बिल्कुल विपरीत देखा गया है; उनकी सेक्स ड्राइव 20 से 30 वर्ष की आयु के बीच सर्वाधिक रहती है और 50 के दशक के बाद इसमें तेजी से गिरावट आती है। वैज्ञानिकों के लिए सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह रहा कि पुरुषों में Testosterone हार्मोन का स्तर 30 की उम्र के बाद गिरना शुरू हो जाता है, फिर भी उनकी सेक्सुअल डिजायर अगले 10-15 वर्षों तक बढ़ती रहती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि पुरुषों में मिड-लाइफ (Mid-life) के दौरान यह वृद्धि जैविक कारकों के बजाय मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक मजबूती के कारण हो सकती है। Stable Relationships और जीवन में आने वाली परिपक्वता पुरुषों की यौन संतुष्टि और इच्छा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। This research highlights that human intimacy is a complex interplay of demographic, psychological, and cultural factors.
अध्ययन में यह भी पाया गया कि पेशे (Profession) का कामुकता पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ऑफिस या सेल्स जॉब में कार्यरत लोग अधिक कामुक पाए गए, जबकि मिलिट्री या मशीनरी ऑपरेशंस से जुड़े लोगों में यह स्तर कम था। इसके अलावा, पुरुषों के मामले में अधिक बच्चे होना उच्च कामेच्छा से जुड़ा पाया गया, जबकि महिलाओं में यह स्थिति इसके उलट थी। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि रिश्तों में संतुष्टि और भावनात्मक निकटता यौन इच्छा को बनाए रखने के लिए सबसे प्रभावी कारक हैं। The findings emphasize that Sexual Well-being is not just about physical health but is deeply rooted in emotional connectivity and lifestyle choices.