बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी के दरबार में सोमवार से माघ मास के शुक्ल पक्ष के गुप्त नवरात्रि श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गए हैं। सुबह की भव्य आरती और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना के साथ इन विशेष नवरात्रों का आगाज हुआ। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वर्ष भर में कुल चार नवरात्र मनाए जाते हैं, जिनमें चैत्र और आश्विन मास के प्रकट नवरात्रों के साथ-साथ आषाढ़ और माघ मास के दो गुप्त नवरात्रों का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। Thousands of devotees from neighboring states like Punjab, Haryana, Delhi, and Chandigarh have started arriving at the hilltop shrine to seek the divine blessings of Mata Shri Naina Devi Ji during this auspicious period.
मंदिर के पुजारी नीलम शर्मा ने इन नवरात्रों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से तंत्र-साधना और माता की गुप्त उपासना के लिए फलदायी माने जाते हैं। इन नौ दिनों के दौरान श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माता के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करते हैं। To ensure a smooth experience for the visiting pilgrims, the District Administration and the Temple Trust have established comprehensive security arrangements, cleanliness drives, and medical facilities along the pilgrimage route. मंदिर परिसर को फूलों और लाइटों से सजाया गया है, और भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन के लिए सुव्यवस्थित लाइनें लगाई गई हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पीने के पानी, ठहरने की व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि किसी को भी असुविधा का सामना न करना पड़े। हिमाचल के अन्य शक्तिपीठों जैसे चिंतपूर्णी, वज्रेश्वरी देवी और चामुंडा देवी में भी गुप्त नवरात्रों के अवसर पर विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। Local authorities have urged devotees to maintain decorum and follow the temple guidelines during the 10-day-long festival. धार्मिक उत्साह के चलते पूरा नयना देवी क्षेत्र माता के जयकारों से गुंजायमान हो उठा है।