शिमला: पंजाब में 'पंजाब केसरी' मीडिया ग्रुप की प्रिंटिंग प्रेस और अन्य परिसरों पर पुलिस व सरकारी विभागों की छापेमारी का मामला अब हिमाचल प्रदेश में भी गरमा गया है। हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार बताया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता के दबाव में मीडिया की आवाज़ को दबाने का यह प्रयास 'आपातकाल' की काली यादों को ताज़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार आलोचना से इस कदर घबरा गई है कि वह स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को कुचलने के लिए पुलिस बल और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।
The political backlash intensified as BJP leaders pointed out a systematic "witch-hunt" starting from November 2025, after a balanced news report triggered the state government's ire. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस दमनकारी नीति का ब्योरा देते हुए कहा कि 31 अक्टूबर 2025 को एक खबर प्रकाशित होने के बाद 2 नवंबर से ग्रुप के सरकारी विज्ञापन बंद कर दिए गए। इसके बाद जीएसटी, आबकारी, एफएसएसएआई और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे विभागों के जरिए टार्गेटेड छापेमारी शुरू की गई। बिंदल ने कहा कि होटल और प्रिंटिंग प्रेस के लाइसेंस रद्द करना, बिजली काटना और भारी पुलिस बल की तैनाती यह साबित करती है कि सरकार जानबूझकर प्रेस संचालन को रोकना चाहती है।
The BJP leadership reminded the AAP government of Punjab Kesari's legacy of bravery, noting that the institution did not bow down even during the height of terrorism when its leaders sacrificed their lives for the truth. डॉ. बिंदल ने चेतावनी दी कि चुनाव के इस दौर में मीडिया को डराने की कोशिश पंजाब की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि सरकार को तानाशाही छोड़कर जनहित की नीतियों पर ध्यान देना चाहिए। भाजपा ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों व उनके राजनीतिक आकाओं की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने संकल्प दोहराया कि वे इस अलोकतांत्रिक कदम के खिलाफ हर संवैधानिक मंच पर संघर्ष करेंगे।