अमृतसर/फतेहगढ़ साहिब: गणतंत्र दिवस से ठीक पहले पंजाब के सरहिंद में रेलवे ट्रैक पर हुए जोरदार धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इस आतंकी घटना की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन 'खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स' (Khalistan Zindabad Force) ने ली है। संगठन के सरगना रणजीत सिंह नीटा के हस्ताक्षर वाला एक नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें इस विस्फोट को महज एक 'ट्रेलर' बताया गया है। नोट में नीटा ने भारत सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि उनका इरादा जान-माल का नुकसान करना नहीं था, इसलिए मालगाड़ी को निशाना बनाया गया, वरना वे पैसेंजर ट्रेन को भी उड़ा सकते थे। नीटा ने स्पष्ट किया कि 'खालिस्तान' की मांग पूरी होने तक उनके Terrorist Actions जारी रहेंगे। This bold claim by a foreign-based militant group has put the entire state on High Alert.
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रेलवे ट्रैक के परखच्चे उड़ गए और मालगाड़ी के ड्राइवर को चोटें आईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए रोपड़ रेंज के डीआईजी (DIG) नानक सिंह ने विशेषज्ञों की टीम के साथ घटनास्थल का दौरा किया। हालांकि, पुलिस अभी इसे आधिकारिक तौर पर Terrorist Attack मानने से बच रही है। डीआईजी ने इसे एक गंभीर 'आपराधिक गतिविधि' करार देते हुए कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत कर रेल यातायात बहाल कर दिया गया है, लेकिन पूरे इलाके में भारी Security Cordon लगाकर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। Law enforcement agencies are working round the clock to identify the perpetrators behind this Rail Sabotage.
खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का इतिहास काफी रक्तरंजित रहा है। इस संगठन की स्थापना जम्मू निवासी रणजीत सिंह नीटा ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से की थी। नीटा लंबे समय से पाकिस्तान में शरण लिए हुए है और वहीं से भारत के खिलाफ साजिशें रचता है। यह संगठन पहले भी दिल्ली-पंजाब के बीच चलने वाली बसों, ट्रेनों और धार्मिक नेताओं को निशाना बना चुका है। साल 2009 में रुलदा सिंह और विएना में संत रामानंद की हत्या में भी इसी Militant Outfit का हाथ था। वर्तमान में यह संगठन अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है। The involvement of Foreign-based Radicals poses a significant challenge to India's internal security and counter-terrorism efforts.