रामगढ़: झारखंड के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुकरीगढ़ा गांव के बमहनीडीह में सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस के दौरान भारी हिंसा और पथराव की घटना सामने आई है। बीती रात जब ग्रामीण प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाल रहे थे, तभी डीजे बंद कराने और विसर्जन स्थल को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बिगड़ गया कि उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में रजरप्पा थाना के कॉन्स्टेबल फूलचंद महतो का सिर फट गया, जबकि सब-इंस्पेक्टर रंजीत कुमार महतो और मो. इकबाल सहित कई अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। The Violence During Saraswati Visarjan in Ramgarh has left several police personnel injured after a dispute over DJ music turned into a heavy stone-pelting incident.
घटना की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद और भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया और तलाशी अभियान चलाकर दर्जनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस ने घटना स्थल से डीजे साउंड सिस्टम, पांच मोटरसाइकिलें और एक टेंपो भी जब्त किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। The Police Crackdown in Sukrigarh following the attack led to the seizure of vehicles and sound equipment used during the unauthorized procession.
इस मामले में रजरप्पा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 43 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिस ने अब तक 10 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जिनमें अक्षय कुमार सोनी, नारायण साव और विशाल वर्मा जैसे नाम शामिल हैं। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। This Massive Legal Action by Rajrappa Police aims to send a strong message against mob violence and attacks on duty officers.
फिलहाल सुकरीगढ़ा इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। घायलों का इलाज सदर अस्पताल रामगढ़ में चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। विसर्जन जैसे धार्मिक आयोजनों में नियमों का उल्लंघन और हिंसा ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। The Deployment of Additional Forces remains in place to prevent any further escalation of communal or social tension in the region.