जोधपुर : राजस्थान की मशहूर 25 वर्षीय कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। बुधवार शाम जब उनके पिता ब्रह्मनाथ उन्हें unconscious state में अस्पताल ले गए, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, लेकिन इस घटना के बाद से ही समर्थकों ने पिता और जोधपुर स्थित आश्रम की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। समर्थकों की मांग है कि इस पूरे मामले की High-level inquiry हो और केस की सुनवाई Fast track court में की जाए।
मामले में सबसे बड़ा रहस्य साध्वी के Instagram Account से उनकी मौत के बाद हुए पोस्ट ने पैदा कर दिया है। रात करीब 9:30 बजे उनके अकाउंट से “अग्निपरीक्षा” और “अलविदा” शीर्षक के साथ मैसेज शेयर किए गए, जिसमें लिखा था कि "जीते जी न्याय नहीं मिला, मेरे जाने के बाद तो मिलेगा।" पुलिस अब इस Social media activity और साध्वी के मोबाइल फोन की Forensic investigation कर रही है ताकि यह पता चल सके कि मौत के बाद यह संदेश किसने और क्यों पोस्ट किया। पिता का दावा है कि मौत एक wrong injection के कारण हुई है, जिसे खांसी-जुकाम के इलाज के लिए एक प्राइवेट कंपाउंडर ने लगाया था।
इस केस में July 2025 का एक पुराना विवाद भी दोबारा चर्चा में है, जिसमें एक पूर्व कर्मचारी द्वारा साध्वी को blackmail करने और 20 लाख रुपये मांगने का आरोप लगा था। समर्थकों का सवाल है कि अगर दोपहर 12 बजे इंजेक्शन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी, तो उन्हें 5 घंटे तक अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया? नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी इस मामले में Chief Minister से हस्तक्षेप की मांग की है। फिलहाल, पुलिस ने मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया है और Post-mortem report का इंतज़ार किया जा रहा है ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।