चाइना डोर पर समराला पुलिस का 'डेथ वारंट': अब पतंग उड़ाने वालों पर दर्ज होगी धारा 307, ड्रोन से रखी जाएगी पैनी नजर



समराला: पंजाब के समराला में चाइना डोर (प्लास्टिक डोर) के कारण होने वाले जानलेवा हादसों को रोकने के लिए पुलिस ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार किया है। डीएसपी समराला तरलोचन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि यदि कोई भी व्यक्ति या बच्चा प्रतिबंधित चाइना डोर से पतंग उड़ाता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या की कोशिश) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस का तर्क है कि यह डोर किसी हथियार की तरह घातक है, जो राहगीरों के गले और हाथ काट सकती है, इसलिए इसका उपयोग केवल एक उल्लंघन नहीं बल्कि जानलेवा हमला माना जाएगा।

The Samrala Police has also extended the accountability to parents, stating that if a minor is caught using the banned string, the parents will be held legally responsible and face strict action. सर्दियों के मौसम और लोहड़ी व बसंत पंचमी जैसे त्योहारों को देखते हुए पुलिस ने निगरानी का हाई-टेक प्लान तैयार किया है। अब छतों पर पतंग उड़ाने वालों की जांच केवल जमीन से नहीं, बल्कि ड्रोन कैमरों के जरिए आसमान से भी की जाएगी। शहर के रिहाइशी इलाकों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में ड्रोन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति नियमों की धज्जियां न उड़ा सके।

This decisive action aims to curb the illegal sale and use of synthetic strings that pose a grave threat to human lives, birds, and animals. डीएसपी ने दुकानदारों को भी चेतावनी दी है कि यदि किसी दुकान से चाइना डोर की बरामदगी होती है, तो उस परिसर को सील करने के साथ-साथ मालिक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस चलाया जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सुरक्षित और सूती डोर का ही प्रयोग करें ताकि त्योहारों की खुशियां किसी मातम में न बदलें।



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