SYL विवाद पर मंत्री श्रुति चौधरी का बड़ा बयान: 'हरियाणा का पानी पर हक, भाईचारे से निकले समाधान', कांग्रेस पर भी साधा निशाना



चंडीगढ़: हरियाणा की सिंचाई एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक अत्यंत संवेदनशील विषय बताया है। चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद श्रुति चौधरी ने कहा कि पानी का मुद्दा जीवन से जुड़ा है और इसका समाधान आपसी भाईचारे के साथ निकलना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि हरियाणा का एसवाईएल के पानी पर कानूनी अधिकार है। The SYL Water Rights of Haryana have been upheld by the Supreme Court, and Minister Shruti Choudhry remains optimistic about a positive outcome from the ongoing inter-state dialogues.

सिंचाई मंत्री ने दक्षिण हरियाणा की भौगोलिक चुनौतियों और अतीत में हुए क्षेत्रीय भेदभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले सत्ताधारी लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर पानी का रुख मोड़ लेते थे, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार में टेल (नहर के अंतिम छोर) तक पानी पहुँचाने का लक्ष्य प्राथमिकता पर है। उन्होंने अपने दादा स्वर्गीय चौधरी बंसीलाल के कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि कैसे रेतीले इलाकों में नहरों का जाल बिछाया गया था। The Equitable Water Distribution strategy of the current administration aims to ensure that every farmer in the state's arid regions receives their fair share of canal water.

राजनीतिक मोर्चे पर श्रुति चौधरी ने कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए उसे 'नेता और नियत' विहीन बताया। उन्होंने कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे 'वोट चोरी' के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसी बातें जनता के गले नहीं उतरतीं और विपक्षी दल केवल लोगों को भ्रमित करने का काम कर रहा है। खुद को भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए जनसेवा का माध्यम है। This Political Counter-Attack on Congress highlights the sharpening rhetoric in Haryana's political landscape following the recent CM-level discussions on the SYL canal issue.



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