शिमला/नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली से शिमला लौटने के बाद राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में प्रदेश मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार किया जाएगा, जिसके लिए उन्होंने कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से विस्तृत चर्चा की है। Chief Minister Sukhu emphasized that the state government is preparing to launch several new welfare schemes and the reshuffle is aimed at strengthening the governance delivery system. कुल्लू में पटवारी के साथ हुई मारपीट की घटना पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी पर हाथ उठाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपने दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने कई केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर हिमाचल के हितों की पुरजोर पैरवी की। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आग्रह किया कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) को सभी पांच वर्षों के लिए बराबर रखा जाए और आपदा राहत कोष के पैरामीटर पहाड़ी राज्यों के लिए बदले जाएं। CM Sukhu also strongly raised the demand with Union Minister Piyush Goyal to increase the import duty on foreign apples to 100 per cent to protect local orchardists. इसके साथ ही, केंद्र से ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली के बदले रोकी गई ₹1,600 करोड़ की 'एडिशनल बोरिंग' को तुरंत बहाल करने की मांग भी की गई है।
राज्य की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके द्वारा लागू किए गए वित्तीय अनुशासन के कारण प्रदेश की आर्थिकी अब पटरी पर आ गई है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान में भारी कटौती के बावजूद सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर राजस्व में सुधार किया है, जिससे वेतन और पेंशन में अब कोई देरी नहीं हो रही है। Highlighting the commitment to disaster victims, he urged the Centre to immediately release the ₹1,500 crore special package announced by the Prime Minister for relief and rehabilitation. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार हिमाचल की भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी ताकि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।