नई दिल्ली/एम्सटर्डम: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को खरीदने के प्रस्ताव को लेकर आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है। डच विदेश मंत्री डेविड वैन वील ने रविवार को एक टेलीविजन कार्यक्रम में ट्रम्प की इस योजना को सीधे तौर पर "ब्लैकमेल," "समझ से बाहर" और "अनुचित" करार दिया। David van Weel emphasized that threatening allies with economic sanctions over military exercises in the Arctic is not how a partnership works, calling the proposal "ridiculous." नीदरलैंड्स ने स्पष्ट किया है कि वह आर्कटिक सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड भेजे गए अपने सैन्य कर्मियों को वापस नहीं बुलाएगा, बल्कि भविष्य में वहां और सैनिक भेजने की योजना बना रहा है।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर घोषणा की है कि 1 फरवरी, 2026 से उन सभी देशों के सामानों पर 10% आयात शुल्क लगाया जाएगा जो ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बनाए हुए हैं। President Trump has further threatened to increase these tariffs to 25% by June 1, unless Denmark agrees to a "complete and total purchase" of Greenland by the United States. ट्रम्प का तर्क है कि ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति और खनिज संपदा अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य है, और जो देश उनके इस मिशन का समर्थन नहीं कर रहे, वे वैश्विक सुरक्षा को जोखिम में डाल रहे हैं।
इस धमकी के बाद यूरोपीय संघ (EU) में हड़कंप मच गया है और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने चेतावनी दी है कि यह कदम अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक संबंधों में "खतरनाक गिरावट" ला सकता है। The European Union is now considering retaliatory measures, including potential levies on billions of euros worth of U.S. goods, as leaders gather for the World Economic Forum in Davos to address this crisis. डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने पहले ही साफ कर दिया है कि यह द्वीप बिकाऊ नहीं है, जिससे यह विवाद अब नाटो (NATO) गठबंधन के भीतर एक गंभीर विभाजन का रूप लेता जा रहा है।