उत्तर प्रदेश में अवैध पार्किंग पर परिवहन विभाग का प्रहार: हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर चिन्हित हुए 117 होल्डिंग एरिया, नियम तोड़ने पर 3,488 वाहनों का चालान



लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिए परिवहन विभाग ने 'सड़क सुरक्षा माह' के तहत अवैध पार्किंग के विरुद्ध निर्णायक जंग छेड़ दी है। 1 से 31 जनवरी तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत विभाग ने पूरे प्रदेश में 117 होल्डिंग एरिया (पार्किंग स्थल) चिन्हित किए हैं, ताकि एक्सप्रेस-वे और हाईवे के किनारे खड़े होने वाले वाहनों को सुरक्षित स्थान मिल सके। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने स्पष्ट किया है कि सड़कों के किनारे अवैध रूप से खड़े वाहन तेज रफ्तार यातायात के लिए 'डेथ ट्रैप' यानी मौत का जाल साबित होते हैं। The Massive Campaign against Illegal Parking in Uttar Pradesh focuses on clearing shoulders of National and State Highways to prevent high-speed collisions and ensure smooth traffic flow.

परिवहन आयुक्त ने जानकारी दी कि 1 से 27 जनवरी के बीच चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान कुल 4,949 वाहनों की चेकिंग की गई। नियमों की अवहेलना करने पर 3,488 वाहनों का चालान किया गया और गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 55 वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया। यातायात में बाधा बन रहे 1,847 वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। विभाग का मुख्य जोर एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे को पूरी तरह से 'पार्किंग फ्री' बनाने पर है, क्योंकि पीछे से आने वाले वाहनों के खड़े ट्रक या कारों से टकराने के कारण होने वाली दुर्घटनाओं का ग्राफ काफी चिंताजनक है। The Strict Enforcement Action by UP Transport Department aims to discipline drivers who park recklessly on busy corridors, with thousands of fines and seizures already recorded.

कठोर दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ विभाग जागरूकता अभियान पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में एनसीसी (NCC), स्काउट गाइड्स और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से युवाओं को यातायात नियमों का कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये युवा समाज में सड़क सुरक्षा के संदेश को प्रसारित करने में मददगार साबित होंगे। किंजल सिंह ने कहा कि विभाग का संकल्प 'जागरूकता और प्रवर्तन' के संगम से प्रत्येक नागरिक के सफर को सुरक्षित बनाना है। यह अभियान केवल जनवरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी अवैध पार्किंग के खिलाफ निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। This Integrated Approach to Road Safety blends rigorous monitoring with public participation to cultivate a culture of responsible driving across Uttar Pradesh.


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