ईरान में गृहयुद्ध जैसे हालात: अमेरिका ने मध्य पूर्व में तैनात किया विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln, 18 दिनों से इंटरनेट बंद और हजारों की मौत


तेहरान/वाशिंगटन: मध्य पूर्व में युद्ध के बादल एक बार फिर गहरे हो गए हैं। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने शक्तिशाली नौसैनिक स्ट्राइक ग्रुप USS Abraham Lincoln को मध्य पूर्वी जलक्षेत्र में तैनात कर दिया है। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब ईरान के भीतर सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक जनआंदोलन का रूप ले लिया है। मानवाधिकार संगठन HRANA के मुताबिक, ईरान में जारी हिंसा में अब तक 5,848 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 41,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, ईरान सरकार ने पहली बार आधिकारिक आंकड़ा जारी करते हुए 3,117 मौतों की पुष्टि की है। The deployment of the US Navy Strike Group follows President Trump’s warning of a "heavy naval presence" to ensure regional stability amid Iran's Internal Unrest.

ईरान में पिछले 18 दिनों से जारी इंटरनेट ब्लैकआउट ने दुनिया को वहां की जमीनी हकीकत से काट दिया है। 'नेटब्लॉक्स' के अनुसार, यह ईरान के इतिहास का अब तक का सबसे लंबा इंटरनेट शटडाउन है, जिसका उपयोग सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई के लिए कर रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 'X' पर स्पष्ट किया कि इस सैन्य बेड़े की मौजूदगी क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए है। जून 2026 में इजरायल के साथ ईरान के संक्षिप्त युद्ध के बाद से ही दोनों देशों के बीच संबंध नाजुक मोड़ पर हैं। The Human Rights Activists News Agency (HRANA) is currently investigating over 17,000 additional potential deaths that occurred during the internet blackout.

ईरान ने अमेरिका की इस सैन्य चुनौती का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर पर एक बड़ा होर्डिंग लगाया गया है जिसमें अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को नष्ट होते दिखाया गया है, जिस पर लिखा है “If you sow the wind, you will reap the whirlwind.” ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि किसी भी हमले का परिणाम "पछतावे" के रूप में भुगतना होगा। दूसरी ओर, इटली जैसे यूरोपीय देशों ने अब Iranian Revolutionary Guards को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग तेज कर दी है। हिजबुल्लाह जैसे ईरान समर्थित संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि यदि ईरान पर युद्ध थोपा गया, तो पूरा मध्य पूर्व आग की चपेट में आ जाएगा। The regional geopolitical climate remains highly volatile as US-Iran Tensions reach a breaking point.



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